जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ता जश्न मनाते हुए
पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत को लेकर विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की धारणा पर सकारात्मक असर पड़ेगा, खासतौर पर लघु अवधि में। उनका कहना है कि राज्य में कंपनी जगत से की ओर से अधिक निवेश की गुंजाइश बन सकती है क्योंकि वहां स्थिर और निवेशकों के अनुकूल नीतियां लागू हो सकती हैं। हालांकि विश्लेषक इस बात की चेतावनी भी देते हैं कि मध्यम अवधि में पश्चिम एशिया में होनेवाली घटनाओं और उनके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर असर डालने वाले कारक बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
एक स्वतंत्र बाजार विशेषज्ञ, अंबरीश बालिगा के अनुसार, बाजार भाजपा की आर्थिक नीतियों के प्रति सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में भी राज्य स्तर पर भाजपा सरकार के बनने के बाद बाजारों ने इसका स्वागत किया था। बालिगा ने कहा, ‘बिहार विधान सभा चुनाव के हालिया नतीजे इसका एक उदाहरण हैं। बाजार, पश्चिम बंगाल में चुनावों के परिणाम का इंतजार कर रहे थे और अगर भाजपा वहां सरकार बनाने में सफल होती है तब इसे आर्थिक विकास और नीतियों के लिहाज से सकारात्मक माना जाएगा। उद्योगों का पश्चिम बंगाल से पलायन लंबे समय से हो रहा है। भाजपा की जीत इस स्थिति को बदल सकती है और खासतौर पर ये नतीजे राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होंगे।’
नवंबर 2025 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने बिहार विधान सभा चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की और 243 में से 201 सीटें जीतकर एक मजबूत जनादेश के साथ सत्ता में वापसी की। वर्ष 2025 में भाजपा बिहार विधान सभा चुनावों में 101 सीटों पर चुनाव लड़ी और 89 सीटों पर जीत हासिल की, जिससे उनकी जीत का प्रतिशत 88.1 फीसदी रहा।
बालिगा के अनुसार, अन्य क्षेत्रों के अलावा, अगर भाजपा ममता बनर्जी की अगुवाई वाले तृणमूल कांग्रेस से पश्चिम बंगाल राज्य पर दबदबा बनाने में सफल होती है तब राज्य में आर्थिक विकास के संकेतों के बीच वाहन क्षेत्र की कंपनियां राज्य में अपना कारोबार स्थापित कर सकती हैं।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी. चोक्कालिंगम का कहना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत से आर्थिक विकास से संबंधित योजनाओं की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि कंपनियों की अधिक पूंजी भी अगले कुछ वर्षों में राज्य में आ सकती है क्योंकि राज्य की नीतियां निवेशकों के लिए अनुकूल हो सकती हैं।
उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास में पिछड़ रहा था और भाजपा की जीत के बाद यह स्थिति बदलने की संभावना है। हम देख चुके हैं कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों ने 1 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है और पश्चिम बंगाल भी वही राह अपना सकता है अगर वहां भाजपा की सरकार बनाती है। आने वाले वर्षों में राज्य में कॉरपोरेट जगत से अधिक पूंजी निवेश देखने को मिल सकता है।’