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Cabinet Decision: एयरलाइंस को बड़ी राहत, ATF कीमतें थामने के लिए OMCs को ₹10,000 करोड़ की मदद

ATF Stabilisation Fund: ATF की कीमतों में स्थिरता के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) को 10,000 करोड़ रुपये की यह सहायता ब्याज मुक्त होगी

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अंशु   
Last Updated- June 03, 2026 | 4:38 PM IST

ATF Stabilisation Fund: सरकार ने बुधवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एक बारगी बजटीय सहायता की मंजूरी दी। इसका मकसद पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुईं चुनौतियों के बीच भारतीय एयरलाइन को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ATF (विमान ईंधन) की कीमतों में स्थिरता प्रदान करना है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह बजटीय सहायता पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और पाकिस्तान के भारतीय एयरलाइंस के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने के कारण विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बीच एयरलाइन कंपनियों को राहत देगी।

यह सहायता राशि ब्याज मुक्त होगी

ATF की कीमतों में स्थिरता के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) को 10,000 करोड़ रुपये की यह सहायता ब्याज मुक्त होगी। इससे वे अनुसूचित भारतीय एयरलाइन कंपनियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए स्थिर कीमतों पर विमान ईंधन (ATF) उपलब्ध करा सकेंगी।

यह सहायता तंत्र ऐसे समय में लाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF की कीमतें मार्च में लगभग 60.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर मई में करीब 142 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। इससे एयरलाइन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है, क्योंकि ईंधन उनकी परिचालन लागत (operating costs) का लगभग 40 फीसदी हिस्सा होता है, जबकि अत्यधिक अस्थिरता के दौर में यह हिस्सा कुछ मामलों में 60 फीसदी तक पहुंच जाता है।

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कैसे काम करेगा ATF स्टेबलाइजेशन फंड?

इस व्यवस्था के तहत जब भी अंतरराष्ट्रीय आयात समता मूल्य (Import Parity Price) सरकार द्वारा निर्धारित बेंचमार्क स्तर से ऊपर जाएगा, तब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को उसकी भरपाई की जाएगी। ग्लोबल ईंधन कीमतों में नरमी आने के बाद OMCs को दी गई यह सहायता निर्धारित समायोजन प्रक्रिया के जरिए वापस वसूल की जाएगी और राशि भारत की समेकित निधि (Consolidated Fund of India) में जमा कराई जाएगी।

एयरलाइंस को बाद में लौटाना होगा पैसा?

वैष्णव ने कहा कि यह फंड अनुसूचित भारतीय एयरलाइन कंपनियों के लिए ATF की कीमतों को स्थिर रखने में मदद करेगा और विमान सेवाओं के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आने देगा। उन्होंने कहा कि जब तक मौजूदा संकट और अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक एयरलाइंस को स्थिर कीमत पर ATF उपलब्ध कराया जाएगा। संकट समाप्त होने के बाद इस योजना का लाभ लेने वाली एयरलाइन कंपनियों को दी गई सहायता राशि वापस करनी होगी।

मंत्री के अनुसार, यह फंड ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण हवाई किरायों में संभावित तेज वृद्धि से यात्रियों को बचाने में भी मदद करेगा। साथ ही, एविएशन सेक्टर से जुड़े करीब 77 लाख रोजगारों की सुरक्षा में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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ATF स्टेबलाइजेशन फंड 36 महीने तक लागू

ATF प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड 36 महीने की अवधि तक लागू रहेगी। हालांकि इसकी वार्षिक समीक्षा की जाएगी या फिर अग्रिम दी गई पूरी राशि की वसूली/समायोजन होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी, जो भी पहले हो।

वैष्णव ने आगे कहा कि यह फंड एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए सार्वजनिक निवेश की सुरक्षा में भी मदद करेगा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय एयरलाइंस के लिए हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के बावजूद यह व्यवस्था एयरलाइन परिचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाए रखने और यूरोप, उत्तरी अमेरिका तथा मध्य एशिया के लिए हवाई संपर्क (एयर कनेक्टिविटी) को बनाए रखने में सहायक होगी।

पिछले वर्ष की शुरुआत से पाकिस्तान द्वारा अपना हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण भारतीय एयरलाइन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे उड़ानों में ईंधन की खपत भी बढ़ गई है।

First Published : June 3, 2026 | 4:26 PM IST