मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए दो कांग्रेस विधायकों सहित 23 सदस्यों को और इसमें शामिल किया। इसके साथ ही तमिलनाडु में करीब 60 साल बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी हुई है। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया जहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। टीवीके के विधायक श्रीनाथ, एस. कमाली, सी. विजयलक्ष्मी और आर.वी. रंजीत कुमार ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली।
किल्लियूर से कांग्रेस के विधायक एस. राजेश कुमार और मेलूर से निर्वाचित पी. विश्वनाथन ने भी मंत्री पद की शपथ ली। तमिलनाडु के लिए कांग्रेस के प्रभारी गिरीश चोडणकर ने कहा कि पार्टी विधायकों का मंत्रिमंडल में शामिल होना राज्य के राजनीतिक इतिहास में “एक अहम घटनाक्रम” है। उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ता पिछले 59 वर्षों से सत्ता में हिस्सेदारी के लिए संघर्ष कर रहे थे और पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ काम कर रहे थे। अब उन्हें इसका अवसर मिला है।”
करूर से कांग्रेस सांसद जोतिमणि ने एक बयान में कहा, “59 साल बाद कांग्रेस पार्टी के दो सदस्यों ने तमिलनाडु मंत्रिमंडल में जगह बनाई है। यह कांग्रेस के लिए हर्ष का क्षण है। बड़े भाई विश्वनाथन और छोटे भाई राजेश कुमार को हार्दिक बधाई! उम्मीद है कि यह जिम्मेदारी तमिलनाडु की जनता की उत्कृष्ट सेवा का बड़ा अवसर बनेगी।”
कांग्रेस समर्थकों ने सोशल मीडिया पर भी इसका स्वागत किया कि पार्टी विधायकों को 21 मई को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया जो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि भी है। कुल 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली जिनमें तीन महिला विधायक भी शामिल हैं। विजय के करीबी मित्र और तूतिकोरिन विधानसभा सीट से निर्वाचित श्रीनाथ ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली। मोहम्मद फरवास जे. और एन. मैरी विल्सन अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। शपथ ग्रहण के दौरान राज्यपाल आर्लेकर ने कांग्रेस नेता राजेश कुमार को टोका और कहा कि वह केवल लिखित शपथ तक ही सीमित रहें।