भारत

वैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफा

बेंगलूरु और हैदराबाद ने मिलकर कुल तिमाही लीजिंग का लगभग आधा हिस्सा यानी 87 लाख वर्ग फुट योगदान दिया।

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- March 26, 2026 | 11:44 AM IST

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के शीर्ष सात शहरों में ऑफिस मार्केट ने वर्ष 2026 की शुरुआत मजबूत रफ्तार के साथ की है। पहली तिमाही (Q1 2026) में 183 लाख वर्ग फुट की लीजिंग दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 15% अधिक है। विभिन्न क्षेत्रों से बढ़ती मांग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद इस गति को बनाए रखा है।

किस शहर का कितना योगदान?

बेंगलूरु और हैदराबाद ने मिलकर कुल तिमाही लीजिंग का लगभग आधा हिस्सा यानी 87 लाख वर्ग फुट योगदान दिया। वहीं मुंबई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई जैसे शहरों में ग्रेड-ए स्पेस की मांग मजबूत रही, जहां प्रत्येक शहर में 20 से 30 लाख वर्ग फुट के बीच लीजिंग हुई। खास बात यह रही कि हैदराबाद और पुणे में ऑफिस स्पेस की मांग सालाना आधार पर दोगुने से अधिक बढ़ी।

कॉलियर्स इंडिया में मैनेजिंग डायरेक्टर (ऑफिस सर्विसेज) अर्पित मेहरोत्रा ने कहा कि Q1 2026 में शीर्ष सात बाजारों में 183 लाख वर्ग फुट ग्रेड-ए स्पेस की लीजिंग भारत के ऑफिस बाजार की मजबूती को दर्शाती है। कुल मांग में GCCs का योगदान लगभग आधा रहा।

उन्होंने कहा कि भले ही वैश्विक चुनौतियां प्रोजेक्ट पूर्णता की समय-सीमा को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन मांग का परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। दीर्घकालिक GCC विस्तार, विविध ऑक्युपायर बेस, फ्लेक्स स्पेस की बढ़ती पेशकश और उच्च गुणवत्ता वाले एसेट्स की बढ़ती पसंद के कारण भारतीय ऑफिस बाजार एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल रहेगा।

Trends in Grade A gross absorption (in million sq ft)

City

Q1 2025

Q1 2026

YoY change

(Q1 2026 vs Q1 2025)

Bengaluru

4.5

5.3

18%

Chennai

2.9

2.0

-31%

Delhi-NCR

3.3

2.3

-30%

Hyderabad

1.7

3.4

100%

Kolkata

0.1

0.1

0%

Mumbai

2.2

2.7

23%

Pune

1.2

2.5

108%

Pan India

15.9

18.3

15%

Source: Colliers

पहली तिमाही में नई आपूर्ति में 19% वृद्धि

शीर्ष सात शहरों में नई आपूर्ति 118 लाख वर्ग फुट रही, जो सालाना आधार पर 19% अधिक है। कुल आपूर्ति में 47% हिस्सेदारी के साथ बेंगलूरु ने सबसे अधिक योगदान दिया, जबकि दिल्ली-एनसीआर 17% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। चेन्नई और मुंबई में भी 15-15 लाख वर्ग फुट की आपूर्ति हुई। हैदराबाद और कोलकाता में इस तिमाही नई आपूर्ति ना के बराबर रही।

Trends in Grade A new supply (in million sq ft)

City

Q1 2025

Q1 2026

YoY change

(Q1 2026 vs Q1 2025)

Bengaluru

3.7

5.5

49%

Chennai

0.2

1.5

650%

Delhi-NCR

2.7

2.0

-26%

Hyderabad

0.3

-100%

Kolkata

0.1

-100%

Mumbai

0.4

1.5

275%

Pune

2.5

1.3

-48%

Pan India

9.9

11.8

19%

Source: Colliers

टेक्नोलॉजी कंपनियों की 36% हिस्सेदारी, फ्लेक्स स्पेस की मांग में 77% उछाल

2026 की पहली तिमाही में पारंपरिक ऑफिस स्पेस में 144 लाख वर्ग फुट की लीजिंग हुई, जिसमें टेक्नोलॉजी और BFSI सेक्टर ने प्रमुख भूमिका निभाई। इन दोनों सेक्टरों ने मिलकर 95 लाख वर्ग फुट यानी कुल पारंपरिक मांग का लगभग दो-तिहाई हिस्सा लिया। BFSI की मांग में बेंगलूरु और मुंबई अग्रणी रहे, जबकि टेक्नोलॉजी कंपनियों की मांग का 60% से अधिक हिस्सा बेंगलूरु और हैदराबाद से आया।

फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटरों की लीजिंग में भी 77% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई और यह करीब 40 लाख वर्ग फुट रही। दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद ने मिलकर फ्लेक्स स्पेस लीजिंग का 45% से अधिक हिस्सा लिया। कोलकाता और दिल्ली-एनसीआर में कुल तिमाही लीजिंग का कम से कम 40% हिस्सा फ्लेक्स ऑपरेटरों द्वारा लिया गया। हैदराबाद, चेन्नई और पुणे में फ्लेक्स ऑपरेटरों का योगदान करीब एक-चौथाई रहा।

Trends in conventional and flex space leasing (in million sq ft)

Q1 2025

(Share in %)

Q1 2026

(Share in %)

YoY change

(%)

Conventional leasing (msf)

13.7 (86%)

14.4 (79%)

5%

Flex space leasing (msf)

2.2 (14%)

3.9 (21%)

77%

Total

15.9

18.3

15%

Source: Colliers

वेकैंसी लेवल भी घटा

कॉलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर एवं रिसर्च प्रमुख विमल नादर ने कहा कि टेक्नोलॉजी, BFSI, इंजीनियरिंग व मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों से बढ़ती मांग ऑफिस मार्केट की मजबूती को दर्शाती है। फ्लेक्स स्पेस का बढ़ता उपयोग कंपनियों के स्केलेबिलिटी, लागत संतुलन, जोखिम प्रबंधन और हाइब्रिड कार्य मॉडल को समर्थन देता है। लगातार मांग आपूर्ति से अधिक रहने के कारण कुल वैकेंसी स्तर सालाना आधार पर लगभग 90 बेसिस प्वाइंट घटकर Q1 2026 के अंत में 15.3% रह गया। शीर्ष सात में से चार शहरों में वैकेंसी कम से कम 100 बेसिस प्वाइंट घटी। वहीं औसत ऑफिस किराए में लगभग 6% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

First Published : March 26, 2026 | 11:44 AM IST