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Ebola Virus: इबोला को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर सख्ती! यात्रियों के लिए हेल्थ अलर्ट जारी, इन लक्षणों पर तुरंत जांच जरूरी

Ebola Virus: दिल्ली एयरपोर्ट पर इबोला को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई, उच्च जोखिम देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी तेज, हालांकि भारत में कोई मामला नहीं मिला।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 21, 2026 | 2:23 PM IST

Ebola Virus: देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने गुरुवार को उन यात्रियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की, जो इबोला प्रभावित देशों से आ रहे हैं या वहां से होकर दिल्ली पहुंच रहे हैं। सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी दें।

स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज यानी DGHS की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और साउथ सूडान जैसे देशों में इबोला के मामले सामने आए हैं। ऐसे में इन देशों से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है।

एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं और जरूरत पड़ने पर यात्रियों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह

एडवाइजरी के मुताबिक अगर किसी यात्री को बुखार, उल्टी, दस्त, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, गले में खराश या बिना कारण शरीर से खून बहने जैसी परेशानी हो रही है, तो उसे तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर या हेल्थ डेस्क पर रिपोर्ट करना होगा।

अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे लक्षण दिखने पर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने से पहले ही मेडिकल जांच कराई जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोग भी जांच कराएं

सरकार ने यह भी साफ किया है कि जो लोग किसी संदिग्ध या पुष्टि किए गए इबोला मरीज के खून या शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आए हों, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।

इसके अलावा यात्रियों को सलाह दी गई है कि अगर भारत आने के 21 दिनों के भीतर उनमें कोई लक्षण दिखाई दें, तो वे बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी हालिया ट्रैवल हिस्ट्री जरूर बताएं।

यात्रियों से सहयोग की अपील

एयरपोर्ट प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से स्क्रीनिंग और अन्य स्वास्थ्य जांच प्रक्रियाओं में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के पालन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा

केंद्र सरकार ने देश में इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इसी के तहत बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने की। बैठक में राज्यों को सभी स्तरों पर पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए।

अभी तक भारत में कोई मामला नहीं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में अब तक इबोला वायरस बीमारी का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।

राज्यों को पहले से भेजे गए दिशा-निर्देश

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) पहले ही भेज दिए हैं। इनमें कई अहम पहलुओं को शामिल किया गया है, जैसे कि

  • देश में आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग
  • संदिग्ध मामलों की पहचान और जांच
  • क्वारंटीन की व्यवस्था
  • मरीजों के इलाज और केस मैनेजमेंट
  • रेफरल सिस्टम
  • प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया

इन सभी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला संक्रमण को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ रही है। इसी कारण भारत में भी स्वास्थ्य व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखा गया है और निगरानी तेज कर दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन निगरानी और तैयारी लगातार जारी रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

First Published : May 21, 2026 | 2:23 PM IST