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जल्द आएंगे तेल-गैस के 4 पोत; होर्मुज स्ट्रेट के अलावा दूसरे मार्गों से भी मंगाया जा रहा कच्चा तेल और एलएनजी

ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल की लड़ाई की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है जिससे भारत की ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है

Published by
शुभांगी माथुर   
संकेत कौल   
Last Updated- March 11, 2026 | 10:43 PM IST

प​श्चिम ए​शिया में चल रहे टकराव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के जरिये देश में आने वाले ईंधन की आपूर्ति में बाधा आने के बाद भारत अन्य मार्गों के जरिये तेल एवं गैस मंगा रहा है। सरकार की एक वरिष्ठ अ​धिकारी ने कहा कि भारत में होर्मुज स्ट्रेट से इतर रास्ते से कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के दो-दो कार्गो जहाज जल्द आएंगे।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, ‘भारत का लगभग 70 फीसदी कच्चा तेल अब होर्मुज से इतर रास्तों से आ रहा है जबकि पहले इसकी हिस्सेदारी करीब 55 फीसदी थी। अगले कुछ दिनों में कच्चे तेल के दो कार्गो जहाज भारत पहुंचेंगे।’

शर्मा ने कहा कि हाल ही में आए सरकारी आदेश के बाद से भारतीय तेल कंपनियों ने अपनी रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन 25 फीसदी तक बढ़ा दिया है। सरकार ने 5 मार्च को कंपनियों को एलपीजी उत्पादन अ​धिकतम करने का निर्देश दिया था और पेट्रोकेमिकल्स के उत्पादन के लिए प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल रोक दिया था।

ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल की लड़ाई की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है जिससे भारत की ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। होर्मुज से दुनिया भर की जरूरत का लगभग 20 फीसदी कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में एलपीजी तथा एलएनजी भेजे जाते हैं।

सरकार ने घरेलू रसोई गैस के लिए एलपीजी और परिवहन के लिए सीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और उर्वरक उद्योग, होटल-रेस्टोरेंट तथा रिफाइनरी जैसे अन्य क्षेत्रों का गैस आवंटन कम कर दिया है। अधिकारी ने कहा कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का करीब 60 फीसदी आयात करता है जिनमें से 90 फीसदी होर्मुज के जरिये आता  है।

भारत की कुल प्राकृतिक गैस खपत 18.9 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन है मगर कतर एनर्जी के एलएनजी उत्पादन रोकने के बाद इसकी आपूर्ति 4.6 करोड़ मानक घन मीटर प्रभावित हुआ है। कतर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता है। शर्मा ने कहा, ‘दूसरे स्रोतों से ईंधन खरीद चल रही है। कार्गो रास्ते में हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है।’ उन्होंने कहा कि देश में रिफाइनरियां अभी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं कुछ तो 100 फीसदी से भी ज्यादा क्षमता पर चल रही हैं।

इस बीच विदेश मंत्रालय के सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया के संघर्ष वाले इलाके में एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला होने से दो भारतीय नागरिक मारे गए हैं और एक अन्य लापता है। पीड़ित भारतीय नाविक थे जो इस इलाके में वाणिज्यिक जहाजों पर काम करते थे। अधिकारियों ने कहा कि घटना के बारे में और जानकारी जुटाने और लापता व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश चल रही है।

जहाजरानी मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक अभी फारस की खाड़ी इलाके में भारतीय झंडे वाले 28  जहाज चल रहे हैं जिनमें 700 से ज्यादा भारतीय नाविक हैं। इनमें से 677 भारतीय क्रू सदस्यों वाले 24 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में हैं जबकि 101 भारतीय नाविकों वाले चार जहाज इस होर्मुज के पूर्व में चल रहे हैं।

जहाजरानी महानिदेशालय ने 28 फरवरी को परामर्श जारी किया था जिसमें भारतीय जहाजों और नाविकों को इस इलाके से गुजरते समय ज्यादा सुरक्षा उपाय अपनाने और रिपोर्टिंग के कड़े प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया था। सरकार ने सवालों का जवाब देने और घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए विदेश मंत्रालय और जहाजरानी महानिदेशालय में 24 घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष भी बनाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्रालय नियंत्रण कक्ष को एक ही दिन में 75 फोन कॉल और 11 ईमेल मिले जिनमें ज्यादातर संघर्ष वाले इलाकों में काम करने वाले परिवारों ने किए थे। वे अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी चाह रहे थे।

समुद्र में हुई मौतों के अलावा पश्चिम एशिया में टकराव की अलग-अलग घटनाओं में कुछ भारतीय भी घायल हुए हैं। एक भारतीय नागरिक की पसलियों में चोट लगी है और वह अस्पताल में ठीक हो रहा है, जबकि दुबई में घायल दूसरे नागरिक का इलाज चल रहा है।

सरकार ने कहा कि वह ईरान में भारतीय नागरिकों की स्थिति पर भी करीब से नजर रख रही है। अभी ईरान में करीब 9,000 भारतीय हैं जिनमें छात्र भी शामिल हैं। सरकार की तरफ से जारी परामर्श के बाद कुछ लोग पहले ही भारत लौट आए हैं। अधिकारियों ने कुछ छात्रों तथा धार्मिक यात्रा पर गए लोगों को ईरान के अंदर सुरक्षित शहरों में जाने करने में मदद की है और जो लोग ईरान से निकलना चाहते हैं उनके लिए आर्मेनिया और अजरबैजान के जरिये निकलने के रास्ते भी बनाए हैं।

इस संकट की वजह से इस इलाके में हवाई यात्रा में भी रुकावट आई है। कुवैत और बहरीन में हवाई मार्ग बंद होने की खबर है। यात्रियों को सऊदी अरब समेत दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान से हवाई सेवा जारी हैं। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है।

First Published : March 11, 2026 | 10:43 PM IST