Prime Minister Narendra Modi
उत्तर प्रदेश को विकास के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया गया है और इसे राज्य के बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी दोपहर के समय हरदोई जिले पहुंचे, जहां उन्होंने बटन दबाकर इस परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई वरिष्ठ अधिकारी और नेता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखा गया।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को आपस में जोड़ता है। इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। इस सड़क के बनने से इन जिलों के बीच यात्रा तेज और आसान हो जाएगी। लोगों को लंबी दूरी तय करने में अब पहले से काफी कम समय लगेगा।
यह एक्सप्रेसवे छह लेन का बनाया गया है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। इससे न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा बल्कि लोगों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा भी मिलेगी।
इस परियोजना की एक खास बात शाहजहांपुर के पास बनी 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी है, जिसका उपयोग आपात स्थिति में वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एंबुलेंस सेवा और पेट्रोलिंग वाहनों की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को नई दिशा देगा। उन्होंने इसे एक “लाइफलाइन” बताया जो गांवों, किसानों, युवाओं और उद्यमियों को आपस में जोड़ेगी। उनके अनुसार यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि यह लोगों की जिंदगी को आसान बनाने और दूरी को कम करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विकास को तेज करेगी और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच की दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।
सरकार के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्लस्टर भी बनाए जा रहे हैं। इनमें वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के अन्य बड़े मार्गों जैसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा होगा। इससे उत्तर प्रदेश में एक मजबूत और व्यापक सड़क नेटवर्क तैयार होगा।
केंद्र और राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।