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दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 की पाबंदियां लागू, वायु गुणवत्ता ‘खराब’ कैटेगरी में पहुंची

AQI वर्गीकरण प्रणाली के तहत 201 से 300 के बीच की वायु गुणवत्ता को ‘खराब’ कैटेगरी में रखा जाता है, जिससे लंबे समय तक संपर्क में रहने पर सांस लेने में परेशानी हो सकती है

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अक्षिता सिंह   
Last Updated- May 19, 2026 | 7:17 PM IST

Grap-1 restrictions imposed across Delhi-NCR: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-1 प्रतिबंध लागू कर दिए, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ कैटेगरी में पहुंच गई।

AQI के ‘खराब’ कैटेगरी में बने रहने की आशंका

19 मई को जारी आदेश में CAQM ने कहा कि दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार बढ़ते रुझान के साथ 208 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ कैटेगरी में आता है। पैनल ने यह भी बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में भी AQI के इसी कैटेगरी में बने रहने की आशंका है।

हवा में PM10 प्रदूषक का स्तर बढ़ा

आदेश में कहा गया, “उप-समिति ने तत्काल प्रभाव से पूरे एनसीआर में मौजूदा GRAP के तहत स्टेज-1 (‘खराब’ वायु गुणवत्ता) की सभी पाबंदियां लागू करने का फैसला किया है।” केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 19 मई को शाम 4 बजे जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में PM10 प्रमुख प्रदूषक के रूप में सामने आया।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई पड़ोसी शहरों में भी प्रदूषण का स्तर ऊंचा दर्ज किया गया। गाजियाबाद का AQI 247, नोएडा 233, गुरुग्राम 178, फरीदाबाद 200 और ग्रेटर नोएडा 312 दर्ज किया गया।

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सांस लेने में परेशानी होने की आशंका

AQI वर्गीकरण प्रणाली के तहत 201 से 300 के बीच की वायु गुणवत्ता को ‘खराब’ कैटेगरी में रखा जाता है, जिससे लंबे समय तक संपर्क में रहने पर सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

CAQM ने एनसीआर की सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे स्टेज-1 के उपायों को लागू करें और उनकी निगरानी करें, ताकि प्रदूषण का स्तर और ज्यादा खराब न हो। अधिकारियों को प्रवर्तन तेज करने और GRAP स्टेज-1 सिटीजन चार्टर के पालन को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

GRAP स्टेज-1 के तहत नागरिकों को ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन चालू न रखने, टायरों में सही हवा बनाए रखने, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) अपडेट रखने और वाहनों की नियमित ट्यूनिंग कराने की सलाह दी गई है।

CAQM ने लोगों से इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड वाहनों को प्राथमिकता देने, खुले में कचरा जलाने और गंदगी फैलाने से बचने, अधिक पेड़ लगाने तथा प्रदूषण से जुड़ी गतिविधियों की शिकायत Green Delhi App, SAMEER App और हेल्पलाइन सेवाओं के माध्यम से करने की अपील की है।

First Published : May 19, 2026 | 7:09 PM IST