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देश में बागवानी उत्पादन बढ़ा, फल-सब्जियों की पैदावार में जोरदार इजाफा; 3700 लाख टन के पार

केंद्र सरकार ने जारी किए बागवानी फसलों के उत्पादन के 2024-25 के अंतिम और 2025-26 के पहले अग्रिम अनुमान के आंकड़े

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- March 17, 2026 | 8:14 PM IST

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंजूरी के बाद कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वर्ष 2024-25 के अंतिम और 2025-26 के प्रथम अग्रिम बागवानी उत्पादन के अनुमान जारी कर दिए हैं। इन अनुमानों में देश में फलों, सब्जियों, मसालों, फूलों और औषधीय पौधों के उत्पादन में इजाफा हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में कुल बागवानी फसलों का क्षेत्रफल वर्ष 2023-24 (अंतिम) के 290.86 लाख हेक्टेयर से 3.61 फीसदी बढ़कर 2024-25 (अंतिम अनुमान) में 301.36 लाख हेक्टेयर हो गया है। कुल बागवानी उत्पादन भी इसी अवधि में 3547.44 लाख टन से 4.51 फीसदी बढ़कर 3707.38 लाख टन पहुंच गया। वर्ष 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार बागवानी फसलों का रकबा लगभग 301.31 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है, जबकि उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन होने की उम्मीद है, जो 2024-25 (अंतिम अनुमान) से 1.09 लाख टन अधिक है।

फल-सब्जियों की पैदावार बढ़ी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के अनुसार वर्ष 2024-25 में फलों का उत्पादन 2023-24 के 1129.78 लाख टन की तुलना में 4.13 प्रतिशत बढ़कर 1176.49 लाख टन हो गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से केला, आम, मंदारिन, पपीता, अमरूद, तरबूज और कटहल के उत्पादन में तेजी के कारण दर्ज की गई है। सब्जियों का उत्पादन 2023-24 के 2072.08 लाख टन से 5.11 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 2177.97 लाख टन होने का अनुमान है। प्याज, आलू, हरी मिर्च, फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैंगन, भिंडी, मटर, कद्दू/सीताफल, लौकी, करेला, खीरा, टैपिओका, शकरकंद, मूली तथा शिमला मिर्च के उत्पादन में वृद्धि देखी गई है।

वर्ष 2025-26 में फलों का उत्पादन 1176.49 लाख टन से 0.88 प्रतिशत बढ़कर 1186.80 लाख टन होने की उम्मीद है, जबकि सब्जियों का उत्पादन लगभग 2161.60 लाख टन अनुमानित है। टमाटर, मटर, टैपिओका, हरी मिर्च तथा कद्दू/सीताफल के उत्पादन में वृद्धि का रुझान दिखाई दे रहा है।

प्याज का उत्पादन 26 फीसदी, आलू का 2.66 फीसदी बढ़ा

सरकारी अनुमान के अनुसार प्याज का क्षेत्रफल वर्ष 2023-24 के15.41 लाख हेक्टेयर से 27.74 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 19.68 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्याज का उत्पादन वर्ष 2024-25 में 307.67 लाख टन अनुमानित है, जो 2023-24 के 242.67 लाख टन की तुलना में 26.79 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024-25 में आलू का उत्पादन 570.53 लाख टन से 2.66 प्रतिशत बढ़कर 585.71 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि 2025-26 में आलू का उत्पादन लगभग 584.47 लाख टन रहने की संभावना है।

टमाटर का उत्पादन वर्ष 2023-24 के 213.23 लाख टन की तुलना में 2024-25 में 205.99 लाख टन अनुमानित है, जबकि 2025-26 में टमाटर का उत्पादन तेजी से बढ़कर लगभग 227.02 लाख टन पहुंचने की संभावना है।

उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन में भी इजाफा

उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सुगंधित एवं औषधीय पौधों के क्षेत्रफल में वर्ष 2023-24 के 9.26 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 9.83 लाख हेक्टेयर हो गया । इन पौधों का उत्पादन 2023-24 के 7.26 लाख टन की तुलना में 2024-25 में लगभग 9.01 लाख टन अनुमानित है, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर 9.03 लाख टन होने की संभावना है। फूलों का क्षेत्रफल 2023-24 के 3.17 लाख हेक्टेयर से 25.24 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ 2024-25 में 3.97 लाख हेक्टेयर हो गया है, वहीं इनके उत्पादन में 20.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 2024-25 में फूलों का उत्पादन 42.65 लाख टन होने का अनुमान है, जो इससे पहले वाले वर्ष के उत्पादन 35.35 लाख टन से ज्यादा है। हालांकि 2025-26 में फूलों का उत्पादन हल्की गिरावट के साथ 41.65 लाख टन रहने की संभावना है।

मसालों की खेती का क्षेत्रफल 2023-24 के 50.24 लाख से 1.38 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 50.93 लाख हेक्टेयर अनुमानित है, जबकि इनका उत्पादन 124.84 लाख टन से करीब 4 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 129.93 लाख टन हो गया। वर्ष 2025-26 में मसालों का कुल उत्पादन लगभग 128.18 लाख टन होने की उम्मीद है। जीरा, अदरक, लहसुन और हल्दी के क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों में ही वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं 2025-26 में लहसुन, हल्दी और इलायची के उत्पादन में भी बढ़ोतरी का अनुमान है।

तकनीक, सिंचाई और वैल्यू चेन पर जोर से बागवानी फसलों को दम

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए बागवानी उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन का अनुमान बताता है कि तकनीक, सिंचाई, वैल्यू चेन, प्रसंस्करण, भंडारण, कोल्ड चेन और बाजार सुधारों पर सरकार द्वारा किया जा रहा निवेश जमीन पर परिणाम दे रहा है और किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में मजबूत प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र आज किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि निर्यात को आगे बढ़ाने का एक मजबूत आधार बन रहा है और सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर क्षेत्र के किसान फलों, सब्ज़ियों, मसालों, फूलों व औषधीय फसलों के जरिए बेहतर और स्थायी आमदनी प्राप्त कर सकें।

प्रमुख बागवानी फसलों का उत्पादन (लाख टन में)

फसल श्रेणी 2023-24  2024-25 2025-26 2024-25 वृद्धि (%) 2025-26 रुझान (%)
कुल बागवानी 3547.44 3707.38 3708.46 +4.51% +0.03%
फल 1129.78 1176.49 1186.80 +4.13% +0.88%
सब्जियां 2072.08 2177.97 2161.60 +5.11% -0.75%
प्याज 242.67 307.67 +26.79%
आलू 570.53 585.71 584.47 +2.66% -0.21%
टमाटर 213.23 205.99 227.02 -3.39% +10.21%
मसाले 124.84 129.93 128.18 +4.08% -1.35%
फूल 35.35 42.65 41.65 +20.65% -2.34%
औषधीय/सुगंधित 7.26 9.01 9.03 +24.10% +0.22%
वर्ष 2023-24 व 2024-25 के आंकड़े अंतिम उत्पादन के और 2025-26 के पहले अग्रिम अनुमान के हैं।
First Published : March 17, 2026 | 8:14 PM IST