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IMD का बड़ा अनुमान: 2026 में सामान्य से कम होगी बारिश, सिर्फ 90% मानसून की उम्मीद

IMD ने 2026 में मानसून के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश (लगभग 90% LPA) के साथ एल नीनो के मजबूत असर और क्षेत्रवार असमान वर्षा की संभावना जताई है।

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मानसी वार्ष्णेय   
Last Updated- May 29, 2026 | 12:34 PM IST

Monsoon Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि 2026 में साउथ-वेस्ट मानसून के दौरान पूरे देश में बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का लगभग 90 प्रतिशत रह सकती है। इसमें ±4 प्रतिशत तक की मॉडल त्रुटि संभव है। इसका मतलब है कि इस बार मानसून सीजन (जून से सितंबर) में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना अधिक है।

क्षेत्रवार बारिश का अनुमान

IMD के अनुसार इस मानसून में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का असर अलग-अलग रहेगा।

  • उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश सामान्य रहने की संभावना है, जो 94 से 106 प्रतिशत LPA के बीच रह सकती है।
  • मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम (94 प्रतिशत से नीचे) रहने की आशंका है।
  • उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश सामान्य से कम (92 प्रतिशत से नीचे) रहने की अधिक संभावना जताई गई है।
  • मानसून कोर जोन (MCZ), जहां अधिकतर कृषि वर्षा पर निर्भर है, वहां भी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।

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देश के अधिकांश हिस्सों में कमजोर Monsoon

IMD का कहना है कि जून से सितंबर 2026 के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वी-मध्य भारत के कुछ इलाकों में बारिश सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक भी हो सकती है।

जून में बारिश और तापमान का हाल

जून 2026 में देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है और यह लगभग 92 प्रतिशत LPA से नीचे रह सकती है। इसी दौरान अधिकतर क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ हिस्सों में यह सामान्य या सामान्य से कम भी हो सकता है। न्यूनतम तापमान भी अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

Heatwave का असर

IMD ने बताया है कि जून 2026 में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी और हीटवेव के दिन देखने को मिल सकते हैं। वहीं राजस्थान और झारखंड में हीटवेव के दिन सामान्य से कम रहने की संभावना है।

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Monsoon 2026 पर El Nino का बढ़ता प्रभाव

मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में मौजूदा न्यूट्रल ENSO स्थितियां धीरे-धीरे एल नीनो की ओर बढ़ रही हैं। 2026 के मानसून सीजन के दौरान एल नीनो विकसित होने की काफी अधिक संभावना (लगभग 92 प्रतिशत) है, जो मानसून की बारिश को कमजोर कर सकता है।

हिंद महासागर में फिलहाल न्यूट्रल IOD स्थितियां देखी जा रही हैं और पूरे मानसून सीजन के दौरान इनके न्यूट्रल बने रहने की संभावना है।

IMD ने बताया कि 2021 से देश में मासिक और मौसमी मौसम पूर्वानुमान के लिए मल्टी-मॉडल एन्सेम्बल (MME) प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग वैश्विक जलवायु मॉडलों और IMD के मानसून मॉडल से मिले आंकड़ों को मिलाकर पूर्वानुमान तैयार किया जाता है

First Published : May 29, 2026 | 12:05 PM IST