प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार दोपहर साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स की मेजबानी की
भारत और साइप्रस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचा दिया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों के लिए रक्षा के क्षेत्र में सहयोग की एक कार्ययोजना भी तैयार की। इस कार्य योजना के तहत भारतीय रक्षा उद्योग साइप्रस को यूरोपीय रक्षा बाजार में प्रवेश करने के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में इस्तेमाल कर सकेगा।
साइप्रस ने भारतीय वित्त-तकनीक (फिनटेक), डिजिटल सेवाओं और निवेश फंडों के लिए यूरोप में पहुंच बढ़ाने में हरसंभव मदद देने की भी पेशकश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार दोपहर साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स की मेजबानी की। क्रिस्टोडौलाइड्स भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। दोनों देशों ने यूक्रेन की स्थिति और पश्चिम एशिया में संघर्ष सहित कई विषयों पर व्यापक वार्ता की।
दोनों पक्षों ने वर्ष 2029 तक अपना द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई और साइप्रस द्वारा मुंबई में एक साइप्रस व्यापार केंद्र खोलने की योजना का भी ऐलान किया। एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में क्रिस्टोडौलाइड्स ने कहा कि भारत और साइप्रस ने बुनियादी ढांचे और जहाजरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक संयुक्त कार्य बल गठित करने का निर्णय लिया है। मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में होने वाला निवेश लगभग दोगुना हो गया है।
मोदी ने कहा,‘दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ा है और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के साथ कई नई संभावनाएं उभरी हैं। इसका लाभ उठाते हुए हम अगले पांच वर्षों में यह निवेश फिर दोगुना करने का लक्ष्य तय कर रहे हैं।’
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि भारत एवं साइप्रस ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदला और बुनियादी ढांचे एवं नौवहन जैसे क्षेत्रों में गहरे सहयोग को सुगम बनाने के लिए संयुक्त कार्यबल गठित किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट और यूक्रेन संघर्ष पर भी विचार-विमर्श किया। मोदी ने कहा कि भारत शत्रुता को जल्द समाप्त करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
मोदी ने अपने बयान में कहा, ‘पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ है। दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ा है और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से अनेक नई संभावनाएं सामने आई हैं।’
क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ हुई बातचीत के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और साइप्रस की मित्रता मजबूत और भविष्योन्मुखी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी फैसला किया है।
साइप्रस के चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और फेडेरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ इंडस्ट्री (एफआईसीआई) के बीच अधिक सहयोग के लिए भी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
दोनों देशों के संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने साइप्रस की यूरोपीय समुद्री प्रवेश द्वार और भारतीय जहाजरानी हितों के लिए परिचालन आधार के रूप में कार्य करने की क्षमता को स्वीकार किया। दोनों पक्षों ने साइप्रस डिफेंस ऐंड स्पेस इंडस्ट्रीज क्लस्टर और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के बीच एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। साइप्रस अप्रैल 2000 से जून 2025 के दौरान 15.76 अरब डॉलर के संचयी निवेश के साथ भारत में निवेश करने वाले शीर्ष नौ निवेशकों में शामिल रहा है।