सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में संयुक्त प्रेस बयान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग | फोटो: PTI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का भारत की उनकी पहली राजकीय यात्रा पर स्वागत किया। हैदराबाद हाउस में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भविष्य के लिए कई और बड़े लक्ष्य भी तय किए।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुए PM मोदी ने राष्ट्रपति ली के जीवन के संघर्ष और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली का जीवन सेवा और संकल्प का एक प्रेरक उदाहरण है। PM ने जोर देकर कहा कि भले ही राष्ट्रपति ली पहली बार भारत आए हैं, लेकिन भारत के प्रति उनका लगाव हमारी पहली मुलाकात से ही साफ झलक रहा था।
दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का दायरा काफी व्यापक है। PM मोदी ने इस साझेदारी को ‘फ्यूचरिस्टिक’ यानी भविष्योन्मुखी करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के संबंधों का आधार लोकतंत्र, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून का शासन है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर भी एक जैसा नजरिया रखते हैं।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में दोनों देश सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर जहाजों के निर्माण, टैलेंट से लेकर टेक्नोलॉजी और पर्यावरण से लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। PM मोदी ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी दोनों देशों की तरक्की और समृद्धि को आगे बढ़ाएगी।
आर्थिक मोर्चे पर भारत और दक्षिण कोरिया ने बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखे हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर के करीब है, जिसे साल 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का निर्णय लिया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए PM मोदी ने कई नए मंचों और समितियों के गठन की घोषणा की।
आर्थिक लेनदेन को आसान बनाने के लिए ‘भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम’ शुरू किया गया है। वहीं कारोबार को और मजबूत करने के लिए ‘इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी’ बनाई गई है। इसके अलावा अहम टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए दोनों देशों ने ‘इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग’ शुरू करने का फैसला किया है।
इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) को ध्यान में रखते हुए भारत में ‘कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप’ बसाई जाएंगी। साथ ही PM मोदी ने कहा कि अगले एक साल के भीतर भारत-कोरिया व्यापार समझौते को अपग्रेड किया जाएगा, जिससे कोरियाई कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में आना और आसान हो जाएगा। यह दौरा न सिर्फ कूटनीति के लिहाज से, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य के लिए भी अहम माना जा रहा है।