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अमेरिका में तरजीही बाजार पहुंच पर भारत की नजर, संबंध बेहद मजबूत: गोयल

गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं। प्रौद्योगिकी, रक्षा, व्यापार व निवेश सहित कई क्षेत्रों में हमारी गहरी रणनीतिक साझेदारी है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 02, 2026 | 7:00 PM IST

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत अपने उत्पादों के लिए अमेरिका में तरजीही बाजार पहुंच चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भारत के संबंध बहुत मजबूत हैं और प्रौद्योगिकी, रक्षा, व्यापार तथा निवेश जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच गहरी रणनीतिक साझेदारी है।

हमारे संबंध बहुत मजबूत- गोयल

गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ” हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं। प्रौद्योगिकी, रक्षा, व्यापार व निवेश सहित कई क्षेत्रों में हमारी गहरी रणनीतिक साझेदारी है। हमारा मानना है कि भारत को तरजीही बाजार पहुंच मिलनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता बेहतर स्थिति में है।

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भारत बेहद अनुकूल स्थिति में

अमेरिका के साथ व्यापार बढ़ाने के मामले में भारत बेहद अनुकूल स्थिति में है। मंत्री ने कहा, ”दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के कारण भारत निवेशकों के लिए बड़े अवसर प्रदान करता है और भविष्य में अधिक संख्या में एवं अधिक मूल्य के साथ निवेशक भारत की ओर आकर्षित होंगे।”

BTA पर अगले चरण की चर्चा तेज

गोयल ने 27 मार्च को कैमरून की राजधानी याउंडे में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के साथ बैठक की थी, जिसमें भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत के अगले चरणों पर चर्चा हुई। यह बैठक विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) के दौरान हुई। फरवरी में दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी, हालांकि इस पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।

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भारत-अमेरिका डील पर टैरिफ का असर

भारत और अमेरिका ने दो फरवरी को व्यापार समझौते पर सहमति बनने की घोषणा की थी और सात फरवरी को इसके लिए संयुक्त बयान जारी किया गया था। रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर शुल्क 18 फीसदी तक घटाने पर सहमति जताई थी। हालांकि, बाद में अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के व्यापक शुल्क के खिलाफ फैसला आने के बाद अमेरिका की शुल्क संरचना में बदलाव हुआ।

इसके बाद ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 फीसदी शुल्क लागू कर दिया। इन बदलावों के कारण भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों की प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया। यह बैठक समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए फरवरी में होने वाली थी। एक अधिकारी ने पहले बताया था कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर अमेरिका की नई वैश्विक शुल्क संरचना पूरी तरह लागू होने पर ही किए जाएंगे।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published : April 2, 2026 | 7:00 PM IST