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मोदी-मैक्रों की मुलाकात में रक्षा, AI और परमाणु ऊर्जा सहयोग पर जोर, कई समझौतों की उम्मीद

'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम में मोदी ने उच्च तकनीक, रक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में अपनी सरकार द्वारा की गई पहल का जिक्र किया

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अर्चिस मोहन   
Last Updated- June 14, 2026 | 11:32 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को नीस में द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने रक्षा, उभरती तकनीक और असैन्य परमाणु ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों के बीच एक लगभग एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

इससे पहले दिन में मोदी और मैक्रों ने नीस में ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में मैक्रों ने मिलकर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) विकसित करने के लिए भारत के साथ गहरे सहयोग का आह्वान किया। फ्रांस के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने एआई कंपनी एंथ्रोपिक को राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विदेशी नागरिकों के लिए अपने नए सॉफ्टवेयर तक पहुंच रोकने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (एसएमआर) और एडवांस्ड मॉड्यूलर रिएक्टर्स (एएमआर) के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग करने पर विचार कर रहा है।

‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में मोदी ने उच्च तकनीक, रक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में अपनी सरकार द्वारा की गई पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा,‘भारत की ‘सुधार एक्सप्रेस’ रुकेगी नहीं। यह चलती रहेगी।’ इस कार्यक्रम में 13 अहम तकनीकी क्षेत्रों से 120 स्टार्टअप इकाइयां हिस्सा ले रही हैं। सरकार ने बताया कि दुनिया भर से 350 से अधिक शीर्ष निवेशक और वेंचर कैपिटल उद्यमी भी इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

नीस फ्रांस के शोध एवं नवाचार ढांचे के केंद्र के तौर पर जाना जाता है। मैक्रों ने 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत का दौरा किया था जहां उन्होंने ‘आर्टिफिशल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट, 2026’ में भाग लिया। इस यात्रा के दौरान, मोदी और मैक्रों ने संयुक्त रूप से मुंबई में ‘2026 भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ का उद्घाटन किया। फरवरी 2025 में, मोदी ने फ्रांस का दौरा किया और मैक्रों के साथ मिलकर पेरिस में एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की।

रक्षा क्षेत्र में भारत और फ्रांस की रक्षा साझेदारी में ‘आत्मनिर्भरता’  का पहलू बढ़ता जा रहा है। फ्रांस ने पी-75 स्कॉर्पीन पनडुब्बियां उपलब्ध कराई हैं जिनमें आखिरी और छठी पनडुब्बी जनवरी 2025 में भारतीय नौसेना में शामिल की गई। 28 अप्रैल 2025 को दोनों पक्ष भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-एम विमान खरीदने पर सहमत हुए जिसमें भारत में स्वदेशी हथियारों को एकीकृत करने के लिए तकनीक हस्तांतरण भी शामिल है।

नवंबर 2025 में मोदी ने हैदराबाद हवाई अड्डे के पास जीएमआर एरोस्पेस ऐंड इंडस्ट्रियल पार्क में सैफरन एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज इंडिया (एसएईएसआई) संयंत्र का उद्घाटन किया। मोदी और मैक्रों ने 17 फरवरी, 2026 को कर्नाटक के वेमागल में एच 125 हेलीकॉप्टर के उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन किया था। यूरोपीय संघ (ईयू) में नीदरलैंड और जर्मनी के बाद फ्रांस भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2025-26 में फ्रांस को भारत का निर्यात 7.1 अरब डॉलर का रहा। पिछले दशक में भारत और फ्रांस के  बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना से भी अधिक बढ़कर वर्ष 2025-26 में 15.81 अरब डॉलर हो गया है।

First Published : June 14, 2026 | 11:23 PM IST