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NEET पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन! अगले साल से कंप्यूटर पर होगी परीक्षा, छात्रों को फिर देना होगा एग्जाम

NEET पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अगले साल से परीक्षा CBT मोड में कराने और 21 जून को री-एग्जाम कराने का ऐलान किया है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 15, 2026 | 2:06 PM IST

NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार को कहा कि अगले साल से NEET UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे पेपर लीक और OMR शीट से जुड़ी गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन बाद में पेपर लीक और “गेस पेपर” के जरिए सवाल बाहर आने के आरोप लगे। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा को रद्द कर दिया था।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 7 मई को एजेंसी को जानकारी मिली थी कि एक कथित गेस पेपर में असली परीक्षा के सवाल मौजूद थे। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि प्रश्न पत्र का कुछ हिस्सा लीक हुआ था।

21 जून को दोबारा होगी परीक्षा

सरकार ने घोषणा की है कि रद्द की गई NEET UG 2026 परीक्षा अब 21 जून को दोबारा कराई जाएगी। छात्रों से दोबारा कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा रद्द होने वाले दिन ही फीस लौटाने का फैसला कर लिया गया था और री-एग्जाम पूरी तरह मुफ्त होगा।

छात्रों को फिर मिलेगा परीक्षा शहर चुनने का मौका

NTA छात्रों को परीक्षा शहर दोबारा चुनने का विकल्प भी देगी। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा ताकि उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार सेंटर चुन सकें।

इसके अलावा परीक्षा समय में भी बदलाव किया गया है। पहले परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होती थी, लेकिन अब छात्रों को अतिरिक्त 15 मिनट दिए जाएंगे। नई परीक्षा अवधि 2 बजे से 5:15 बजे तक रहेगी।

मंत्रालय के अनुसार री-टेस्ट के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।

“जीरो एरर और जीरो टॉलरेंस” नीति पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार प्रवेश परीक्षाओं को लेकर “जीरो एरर, जीरो टॉलरेंस” की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य छात्र का भविष्य शिक्षा माफिया की वजह से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने माना कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कहीं न कहीं सिस्टम में चूक हुई। मंत्री ने कहा कि सरकार इस कमी को स्वीकार करती है और इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी लेती है।

OMR सिस्टम को बताया बड़ी वजह

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पूरे विवाद की एक बड़ी वजह OMR आधारित परीक्षा प्रणाली रही। इसी कारण सरकार ने अगले साल से NEET UG को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने का फैसला लिया है।

उन्होंने NTA का बचाव करते हुए कहा कि एजेंसी सक्षम नेतृत्व के हाथों में है और सरकार भविष्य में ऐसी किसी भी गलती को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगी।

First Published : May 15, 2026 | 1:59 PM IST