नोएडा में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान जली हुई गाड़ी के पास से गुजरता एक पुलिसकर्मी, 13 अप्रैल 2026। (फोटो-रॉयटर्स)
Noida Protest: नोएडा और गाजियाबाद में न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी गई है। हाल ही में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है।
नई दरों के मुताबिक अब अकुशल मजदूरों को 13,690 रुपये प्रति माह मिलेंगे। अर्धकुशल मजदूरों की मजदूरी 15,059 रुपये और कुशल मजदूरों की 16,868 रुपये प्रति माह तय की गई है।
प्रदेश के अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी मजदूरी बढ़ाई गई है। यहां अकुशल मजदूरों को 13,006 रुपये, अर्धकुशल को 14,306 रुपये और कुशल मजदूरों को 16,025 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
वहीं बाकी जिलों में अकुशल मजदूरों की मजदूरी 12,356 रुपये, अर्धकुशल की 13,591 रुपये और कुशल मजदूरों की 15,224 रुपये प्रति माह तय की गई है।
इससे पहले नोएडा के कई औद्योगिक इलाकों में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया था। फेज-2 और सेक्टर-60 समेत कई जगहों पर वाहनों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आईं। सेक्टर 63, 65 और 57 में भी नुकसान की खबरें आईं, जबकि कई फैक्ट्रियां एहतियात के तौर पर बंद रखी गईं।
सेक्टर 63 में प्रदर्शनकारियों ने एक सर्विस सेंटर में खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और गार्ड के केबिन को भी नुकसान पहुंचाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान ईंट और लोहे की रॉड से पथराव किया गया।
नोएडा के फेज-2 इलाके में सोमवार को मजदूरों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे मजदूर ज्यादा वेतन और बेहतर कामकाजी सुविधाओं की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए और कुछ जगहों पर गाड़ियों में आग लगा दी गई। पुलिस की एसयूवी समेत कई वाहन जल गए। औद्योगिक क्षेत्रों में पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात काबू करने के लिए भारी फोर्स तैनात की गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। दोपहर में शुरू हुई हिंसा करीब शाम 5 बजे तक रुक-रुक कर जारी रही। इसके बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई और किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
बताया जा रहा है कि मजदूर हरियाणा की नई वेतन नीति की तरह वेतन बढ़ाने, तय काम के घंटे, ओवरटाइम भुगतान और सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे थे। पिछले दो दिनों से प्रशासन और पुलिस मजदूरों से बातचीत कर हालात शांत कराने की कोशिश कर रहे थे।
प्रदर्शन के कारण सुबह के समय ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित रहा। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों लोग रास्ते में फंस गए।
पुलिस का कहना है कि शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में कुछ बाहरी लोगों के शामिल होने से माहौल बिगड़ गया और हिंसा भड़क उठी।