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Petrol-Diesel Price Hike, May 25: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। पिछले 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
नई दरें 25 मई सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। इसके बाद देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें बढ़ गई हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
15 मई से ईंधन कीमतों में संशोधन शुरू होने के बाद से पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे पहले अप्रैल 2022 के बाद लंबे समय तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ था। मार्च 2024 में लोकसभा चुनावों से पहले सरकार ने दोनों ईंधनों पर 2 रुपये प्रति लीटर की राहत दी थी।
सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) मिलकर भारत के 90 प्रतिशत ईंधन बाजार पर नियंत्रण रखती हैं।
ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब फरवरी के अंत से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है। इसकी वजह अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई में आई बाधाएं हैं। होर्मुज वैश्विक सप्लाई के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब मई 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। अप्रैल 2022 के बाद से कीमतें लगभग स्थिर थीं, केवल मार्च 2024 में राष्ट्रीय चुनावों से पहले 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी।
तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी के कारण आयात लागत लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर तेल कंपनियों के खर्च पर पड़ रहा है, जिसकी वजह से कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच ईंधन आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने और कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए यह फैसला जरूरी हो गया था।