वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को उद्योग से विशेषकर पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में आयात पर अपनी निर्भरता कम करने का आग्रह किया है। सरकार द्वारा पश्चिम एशिया संकट के बीच सोने और चांदी के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बाद मंत्री ने यह कहा है।
गोयल ने हितधारकों से वाणिज्य मंत्रालय के व्यापार पोर्टल पर आयात रुझानों का अध्ययन करने और घरेलू विनिर्माण और आयात के विकल्पों की पहचान करने का आग्रह किया। उन्होंने देश में आयात की जाने वाली वस्तुओं की निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इससे भारत के व्यवसायों को लिए महत्त्वपूर्ण अवसर मिले हैं।
गोयल ने भारतीय व्यापार महोत्सव वेबसाइट की शुरुआत के मौके पर कहा, ‘विदेशी वस्तुओं के लिए छोटी सी तरजीह भी घरेलू उद्योग को कमजोर कर सकती है।’ यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब डॉलर के मुकाबले रुपया 96.35 के नए निचले स्तर पर बंद हुआ है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर 28 फरवरी को हमला किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के बाद रुपया 5 प्रतिशत से अधिक गिरा है। इसे देखते हुए सरकार ने पिछले सप्ताह आयात पर लगाम लगाने और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए कई कदमों की घोषणा की है। गोयल ने भारतीय उद्योग से राजकोट, जालंधर, लुधियाना, बटाला और पुणे जैसे घरेलू विनिर्माण केंद्रों से पूंजीगत वस्तुओं की सोर्सिंग का पता लगाने के लिए भी कहा।
पिछले पांच वर्षों में भारत के कुल आयात में पूंजीगत वस्तुओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। गोयल ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 तक 1 लाख करोड़ डॉलर के निर्यात के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिस भी सहायता की जरूरत है, केंद्र सरकार उसे मुहैया कराने को तैयार है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के बाद सरकार ने अगले 5 साल में भारत का निर्यात 2 लाख करोड़ डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2026 में भारत का कुल निर्यात 863.10 अरब डॉलर था, जिसमें 441.80 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात शामिल है।
मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली ने भारतीय वस्तुओं के लिए बाजार तक तरजीही पहुंच सुरक्षित करने के लिए लगभग 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है, जिससे उन्हें कम आयात शुल्क पर बेचा जा सके। उन्होंने कहा, ‘ये समझौते धीरे-धीरे प्रभावी होंगे, जिसमें ओमान एफटीए 1 जून से लागू होने की संभावना है। कुछ अन्य पर कागजी कार्रवाई चल रही है और उसके बाद उन्हें लागू कर दिया जाएगा।’