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पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने एकजुट रहने का आह्वान किया

उन्होंने कहा, ‘हमें धैर्य, संयम और शांति के साथ हर चुनौती का सामना करना चाहिए। यह हमारी पहचान है और यह हमारी ताकत भी है।’

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अर्चिस मोहन   
Last Updated- March 23, 2026 | 11:05 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोक सभा में कहा कि प​श्चिम ए​शिया में जारी संघर्ष ने वै​श्विक परि​स्थिति को बेदह चुनौतीपूर्ण बना दिया है जिसका असर लंबे समय तक रहने वाला है। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए हमें पूरी तरह तैयार और एकजुट रहना चाहिए।

मोदी ने कहा कि भारत ने कोविड संकट के दौरान पूरी तरह एकजुट होकर ऐसी ही चुनौतियों का सामना किया था। उसी तरह हमें फिर से तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘हमें धैर्य, संयम और शांति के साथ हर चुनौती का सामना करना चाहिए। यह हमारी पहचान है और यह हमारी ताकत भी है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियादी ​स्थिति काफी मजबूत है जिसने देश को संकट से निपटने में मदद की है। उन्होंने बताया कि सरकार हर क्षेत्र के हितधारकों के साथ चर्चा कर रही है और आवश्यकता के अनुसार मदद कर रही है।

मोदी ने कहा कि सरकार लघु अव​धि, मध्याव​धि और लंबी अव​धि के प्रभावों से निपटने के लिए एक स्पष्ट रणनीति के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने मंत्रालयों के एक समूह का गठन किया है जो आयात एवं निर्यात के मोर्चे पर दिखने वाली चुनौतियों का आकलन करने और आवश्यक समाधान पर निरंतर काम करने के लिए रोजाना बैठक करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्मियों के आने के साथ ही आगामी महीनों में बिजली की मांग बढ़ेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि देश के सभी बिजली संयंत्रों के पास कोयले का पर्याप्त भंडार है और बिजली उत्पादन से लेकर बिजली की आपूर्ति तक सभी प्रणालियों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि झूठी खबरों के प्रति सतर्क और सावधान रहें। उन्होंने राज्य सरकारों से कालाबाजारियों और जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।

मोदी ने कहा कि भारत अपने वैश्विक साझेदारों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। इस वजह से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कई भारतीय ध्वज वाले जहाज सुरक्षित भारत पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न देशों के आपूर्तिकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मोदी ने कहा कि सरकार फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री मार्गों पर कड़ी नजर रख रही है। प्रधानमंत्री ने रविवार शाम को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें तेल, गैस और उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों, जॉर्डन, मलेशिया और विशेष रूप से ईरान के नेताओं से बात की है।

First Published : March 23, 2026 | 10:40 PM IST