हैदराबाद में लोगों को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित तरीके से उपयोग करना समय की मांग है। तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन के मौके पर हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखीं, जिनमें हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे पर गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को चार लेन बनाना शामिल है। उन्होंने रेलवे की काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी ट्रैकिंग परियोजना के विभिन्न खंडों, हैदराबाद में ग्रीनफील्ड पीओएल (पेट्रोलियम, तेल, लुब्रिकेंट्स) टर्मिनल, काजीपेट रेल अंडर रेल बाईपास और वारंगल में पीएम मित्र पार्क (काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क) का उद्घाटन भी किया। लगभग 1,700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क भारत का पहला पूरी तरह से कार्यशील पीएम मित्र पार्क है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत सौर ऊर्जा के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो गया है और पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है।
मोदी ने कहा कि पहले सरकार 100 प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर केंद्रित थी और अब इसका ध्यान पाइपलाइन के जरिये गैस की किफायती आपूर्ति पर है। साथ ही साथ सीएनजी के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत दुनियाभर में जारी बड़े ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज सुधार एक्सप्रेस पर सवार है और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी तैयार कर रहा है। वह तेलंगाना के हर परिवार को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि केंद्र सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए और भी तेजी से काम करती रहेगी।