Project Cheetah: भारत का चीता परिवार लगातार बढ़ रहा है। देश में चीतों की संख्या अब बढ़कर 50 के पार चली गई है। पिछले महीने भी चीतों ने जन्म लिया था और इस महीने भी चीतों ने जन्म लिया है। भारत में चीतों की संख्या बढ़ना देश के ‘चीता वापसी अभियान’ के लिए अच्छी खबर है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पोस्ट में बताया कि मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाई गई चीता ‘ज्वाला’ ने पांच शावकों को जन्म दिया है। ज्वाला तीसरी बार मां बनी है। उन्होंने कहा कि इन शावकों के जन्म के साथ भारत में जन्मे और जीवित रह रहे चीता शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। यह भारतीय भूमि पर चीते के 10वें सफल प्रजनन (लिटर) को दर्शाता है और देश में चीता संरक्षण की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। साथ ही यह उपलब्धि पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ और इस परियोजना से जुड़े सभी लोगों के समर्पित प्रयासों, कौशल और प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो जमीन पर लगातार अथक मेहनत कर रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि भारत में जन्मे जीवित चीता शावकों की संख्या अब बढ़कर 33 हो गई है, जबकि भारत में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। वन्यजीव संरक्षण के लिए इसे ऐतिहासिक और दिल को छू लेने वाला क्षण बताते हुए मंत्री यादव ने आशा व्यक्त की कि ज्वाला और उसके नवजात शावक मजबूत होकर आगे बढ़ेंगे और भारत की चीता संरक्षण कहानी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका से लाई गई चीता गामिनी भी दूसरी बार मां बनी और उसने चार शावकों को जन्म दिया था। इसके अलावा 28 फरवरी 2026 को केंद्रीय मंत्री यादव ने बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों (6 मादा और 3 नर) को कुनो राष्ट्रीय पार्क में क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा था।
विश्व में पहली बार किसी विशाल मांसाहारी जानवर का अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण सफल रहा है, जिसके तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीते वर्ष 2022-23 में भारत लाए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2022 को पहले आठ चीतों को भारत लाए जाने की प्रक्रिया में शामिल थे। चीता परियोजना भारत सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जिसे विलुप्त हो चुके चीतों को देश में फिर से बसाने के लिए शुरू किया गया था।