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राजस्थान समेत पश्चिम भारत से नीट पास करने वाले छात्र घटे

2019 से 2025 के बीच नीट-यूजी में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ी, लेकिन पश्चिम भारत के राज्यों से परीक्षा पास करने वाले छात्रों की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की

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जयंत पंकज   
Last Updated- May 14, 2026 | 11:08 AM IST

पेपर लीक का खुलासा होने के बाद नीट-यूजी परीक्षा 12 मई को को रद्द कर दी गई। जिस तरह देश भर में इस महत्त्वपूर्ण परीक्षा में गड़बड़ी की बात सामने आई, उससे सिस्टम में बार-बार होने वाली सेंधमारी के बारे में पुन: चिंताएं उभरी हैं। इस वर्ष लगभग 22.7 छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। वर्ष 2019 से 2025 के बीच 1.33 करोड़ से अधिक छात्रों ने नीट-यूजी के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें से 95 प्रतिशत इसमें उपस्थित हुए और 56 प्रतिशत ने सफलतापूर्वक इसे पास किया।

पेपर लीक का मामला शुरुआती स्तर पर राजस्थान से सामने आया। मालूम हो कि नीट पास करने वाले कुल छात्रों में एक चौथाई पश्चिम भारत से आते हैं, लेकिन वर्ष 2024 से 2025 के दौरान इस क्षेत्र के प्रत्येक राज्य से परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की हिस्सेदारी में गिरावट आई है।

वर्ष 2019 में 14 लाख छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा दी थी और 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 22 लाख पहुंच गया। इनमें से 8 से 13 लाख के बीच छात्र पास हुए। स्नातक स्तर पर मेडिकल क्षेत्र की इस महत्त्वपूर्ण परीक्षा में छात्राओं की भागीदारी अच्छी-खासी रहती है। छह सालों में इस परीक्षा को पास करने वालों में छात्राओं की हिस्सेदारी 55 से 58 प्रतिशत रही।

सामाजिक स्तर को देखें तो वर्ष 2025 के दौरान नीट यूजी पास करने वालों में सामान्य वर्ग के छात्रों की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत, ओबीसी की 61 प्रतिशत और एससी श्रेणियों की 52 प्रतिशत रही।

First Published : May 14, 2026 | 11:08 AM IST