प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | फाइल फोटो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश की शिक्षा व्यवस्था को अर्थव्यवस्था की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) और स्वचालन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना उनकी सरकार का मूल उद्देश्य है और शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल एवं संस्कृति जैसे क्षेत्र इसे साकार करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा, ‘लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना केवल एक विषय नहीं है, बल्कि यह इस सरकार का प्रमुख उद्देश्य एवं संकल्प है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) बाजार की मांग और वास्तविक अर्थव्यवस्था के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की मजबूत आधारशिला प्रदान करती है, खासकर एआई, स्वचालन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में। हमें शिक्षा व्यवस्था को अर्थव्यवस्था की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की प्रक्रिया को और तेज करना होगा।’ उन्होंने शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के बीच संबंध का उल्लेख करते हुए एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग एवं कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र को बढ़ावा देने की भी जरूरत पर बल दिया।
भारत के नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ कदम बढ़ाने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों से अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और शोध आधारित शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने का आह्वान किया, ताकि छात्रों को वास्तविक दुनिया का अनुभव मिल सके।
उन्होंने कहा कि इस वेबिनार में परिसरों को उद्योग सहयोग और शोध आधारित शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने पर मंथन होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने युवा शोधकर्ताओं को नवाचार और प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करने वाली एक मजबूत शोध पारिस्थितिकी तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया।