थलापति 'विजय' | फाइल फोटो
तमिल में ‘जन नायकन’ का अर्थ है जनता का नेता। हालांकि, इसी नाम की एक फिल्म सबसे अधिक फीस लेने वाले भारत के दूसरे अभिनेता जोसेफ विजय चंद्रशेखर (जो थलपति विजय के नाम से मशहूर हैं) की चुनावी शुरुआत से पहले आखिरी फिल्म मानी जा रही है। मगर यह फिल्म पिछले पांच महीनों से कई मुश्किलों का सामना कर रही है। सबसे पहले तो इसके सिनेमाघरों में रिलीज होने में देरी हो गई और उसके बाद सेंसरशिप से जुड़े मुद्दे भी सामने आ गए।
इतना ही नहीं, निर्माण के बाद फिल्म ऑनलाइन लीक हो गई और कथित तौर पर 120 करोड़ रुपये का ओटीटी सौदा भी रद्द हो गया। मगर सोमवार को विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) के तमिलनाडु विधान सभा में शानदार जीत के बाद उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि 500 करोड़ रुपये की इस फिल्म की किस्मत फिर चमक सकती है। कुछ जानकार मई में ही फिल्म की रिलीज की संभावना जता रहे हैं, वहीं एक नए ओटीटी सौदे की अटकल भी तेज गई है। फिल्म का निर्माण बेंगलूरु स्थित केवीएन प्रोडक्शंस ने किया है जिसकी स्थापना वेंकट के नारायण ने की है।
उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि तमिलनाडु की सत्ता में विजय के आगाज के बाद फिल्म मई में या सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर रिलीज हो सकती है। पिंकविला की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह राजनीतिक ड्रामा फिल्म 8 मई को दुनिया भर में रिलीज हो सकती है। यह केवीएन की पहली तमिल भाषा की फिल्म है जिसे पहले जनवरी 2026 में रिलीज करने की योजना थी। सूत्रों ने पुष्टि की है कि केवीएन जल्द ही फिल्म के बारे में विस्तृत जानकारी जारी करेंगे।
लंबा तजुर्बा रखने वाले फिल्म कारोबार विश्लेषक श्रीधर पिल्लई ने कहा,‘इस बड़ी जीत का मतलब है कि फिल्म रिलीज होगी और निश्चित रूप से यह उनकी आखिरी फिल्म होगी क्योंकि वे अब एक सफल राजनेता हैं। उनके सरकार बनाने के 100 दिन के भीतर या मई में ही फिल्म रिलीज होने की उम्मीद है क्योंकि यह तमिल सिनेमा के इतिहास में सिनमेघरों में आने के साथ ही शुरुआती दिनों में रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर सकती है।’
शुरुआत में फिल्म को समय पर सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला जिसके बाद सीबीएफसी के साथ विवाद हो गया और मामला उच्चतम न्यायालय तक पहुंच गया। निर्माताओं ने अदालत को बताया था कि इस फिल्म पर उनके 500 करोड़ रुपये दांव पर लगे हैं। एच विनोद द्वारा निर्देशित ‘जन नायकन’ को 18 दिसंबर को सीबीएफसी को सौंपा गया था। सितारों से सजी इस फिल्म में पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, गौतम वासुदेव मेनन, प्रियामणि और नारायण जैसे कलाकार शामिल हैं।
‘जन नायकन’को एक और झटका तब लगा जब 9 अप्रैल को फिल्म अचानक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लीक हो गई। इससे निर्माताओं को भारी वित्तीय नुकसान होने की आशंका थी। इसके अलावा, खबरों से पता चलता है कि एमेजॉन प्राइम वीडियो (जिसने रिकॉर्ड 120 करोड़ रुपये में फिल्म के अधिकार हासिल किए थे) ने सौदा रद्द कर दिया है। एक अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म के साथ 50 करोड़ रुपये की काफी कम कीमत पर नए सौदे पर बातचीत चल रही थी। बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा एमेजॉन प्राइम वीडियो से इस सौदे के संबंध में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला। मदुरै के एक गांव भी विरोध प्रदर्शन किया। गांव वालों का कहना था कि फिल्म उनके समुदाय को गलत तरीके से पेश कर रही है।
तमिलनाडु थिएटर और मल्टीप्लेक्स ओनर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डी सी ईलंगोवन ने कहा,‘अभी तक हमें फिल् रिलीज होने की तारीख नहीं बताई गई है। विजय की जीत का एक फायदा यह है कि सिनेमाघरों और फिल्म उद्योग का मुनाफा दोगुना हो जाएगा। यह फिल्म तमिल फिल्म उद्योग के लिए बेहद जरूरी साबित हो सकती है।’
विजय को भारत के सबसे सफल फिल्म सितारों में शुमार किया जाता है। उनकी पिछली पांच फिल्मों ने दुनिया भर में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। फोर्ब्स इंडिया के 2025 के आंकड़ों के मुताबिक अल्लू अर्जुन 300 करोड़ रुपये के पारिश्रमिक के साथ भारत के सबसे अधिक शुल्क लेने वाले अभिनेता हैं। उनके बाद विजय 130-275 करोड़ रुपये, शाहरुख खान 150-250 करोड़ रुपये और रजनीकांत 125-270 करोड़ रुपये तक मेहनताना लेते हैं।
तमिलनाडु में सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘कुली’ ने रिलीज होने के साथ ही दुनिया भर में 153 करोड़ रुपये की ताबड़तोड़ कमाई की थी। चुनावी राजनीति में विजय की जबरदस्त लोकप्रियता को देखते हुए यह रिकॉर्ड ‘जन नायकन’ तोड़ सकती है।