प्रतीकात्मक तस्वीर
ओमान तट पर भारतीय चालक दल वाले एक और मालवाहक जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने गुरुवार को हमला कर दिया। पिछले चार दिनों में भारतीय नाविकों वाले जहाज पर यह तीसरा हमला है। सरकार ने कहा कि ये सभी घटनाएं अमेरिकी नौसेना के हमलों के कारण हुईं और भारत ने इस पर ‘कड़ी आपत्ति’ जताई है। साथ ही पुष्टि की गई है कि अमेरिकी नौसेना के हमले में मालवाहक जहाज सेटेबेलो पर चालक दल के तीन सदस्य मारे गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में मालवाहक जहाजों पर हमलों के मुद्दे को जी7 की बैठक में उठाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 17 जून को फ्रांस में आयोजित जी7 बैठक में भाग लेंगे। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। पिछली बार फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि अमेरिकी नौसेना के हमले में मारे गए तीनों नाविकों के परिवारों को तत्काल सहायता और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। एमटी सेटेबेलो का संचालन करने वाली यूएई की कंपनी ने कहा कि उसका ईरान या ईरानी तेल से कोई संबंध नहीं है। एमवी सेटेबेलो पर हमले के बाद विदेश मंत्रालय ने बुधवार शाम को अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को तलब किया और उनसे विरोध जताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम समुद्री जहाज में काम करने वाले अपने लोगों के कल्याण को काफी महत्त्व देते हैं। एमटी सेटेबेलो जहाज पर हमले के बारे में हमने अमेरिका को कड़ी आपत्ति जताई है।’ उन्होंने कहा कि ये हमले उस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना ने किए हैं। सरकार ने इन हमलों के लिए सार्वजनिक तौर पर अमेरिका को दोषी ठहराया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘इन घटनाओं में शामिल तीन विदेशी-ध्वजांकित जहाज थे। उनमें से दो पलाऊ-ध्वजांकित थे जबकि तीसरा जहाज गिनी-बिसाऊ-ध्वजांकित है। वे भारतीय स्वामित्व वाले जहाज नहीं थे।’
गिनी-बिसाऊ-ध्वजांकित जहाज जलवीर पर तीसरा हमला भारत द्वारा अमेरिका के साथ आपत्ति दर्ज कराने के एक दिन बाद हुआ। पलाऊ-ध्वजांकित तेल टैंकर मैरीवेक्स पर 8 जून को 24 भारतीय नाविक सवार थे। अमेरिकी हमले में उसका परिचालन रुक गया लेकिन चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इसी प्रकार 10 जून को अमेरिका ने एक अन्य पलाऊ-ध्वजांकित टैंकर सेटेबेलो पर हमला कर दिया जिसमें सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन मारे गए। 11 जून को गिनी-बिसाऊ-ध्वजांकित जलवीर भी हमले की चपेट में आ गया जिसमें सवार सभी 20 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन तीनों जहाजों पर हमलों की पुष्टि की है।