भारत

वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की पांच दिवसीय भारत यात्रा कल से, ऊर्जा सहयोग पर रहेगा जोर

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आ रही हैं, जहां होर्मुज संकट के बीच द्विपक्षीय ऊर्जा और तेल आयात बढ़ाने पर अहम चर्चा होगी

Published by
अर्चिस मोहन   
Last Updated- June 02, 2026 | 10:26 PM IST

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की बुधवार से शुरू हो रही पांच दिवसीय भारत यात्रा के दौरान  द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की बात केंद्र में रहेगी। वेनेजुएला का प्रतिनिधिमंडल भारत की प्रमुख ऊर्जा स्थापनाओं का दौरा करेगा जिनमें तेल रिफाइनरी भी शामिल हैं। इसके अलावा वह मुंबई में शीर्ष ऊर्जा उद्योग नेताओं से मुलाकात करेगा। भारत में केवल कुछ ही ऐसी रिफाइनरी हैं जो वेनेजुएला के भारी तेल का प्रसंस्करण करती हैं।

रोड्रिगेज की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत ने हाल के दिनों में वेनेजुएला से तेल खरीद बढ़ा दी है, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में अवरोध के कारण पश्चिम एशिया से नहीं आ पा रहे  कार्गो की भरपाई की जा सके। मई में भारत अमेरिका के बाद वेनेजुएला के तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बनकर उभरा। भारत ने फरवरी में वेनेजुएला से तेल आयात फिर शुरू किया था जब अमेरिका ने इस पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने तब कहा था कि भारत ने वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमति जताई है। रोड्रिगेज ने पिछली भारत यात्रा फरवरी 2025 में की थी जब वे अपने देश की उपराष्ट्रपति थीं और तेल मंत्रालय भी संभालती थीं। उस समय वे इंडिया एनर्जी वीक में शामिल हुई थीं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को उनकी यात्रा के बारे में कहा कि कहा कि विदेश, अर्थव्यवस्था और वित्त, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संचार और सूचना तथा परिवहन मंत्री सहितएक प्रतिनिधिमंडल उनके साथ आएगा। रोड्रिगेज 2015 में विदेश मंत्री के रूप में और 2019, 2023, 2024 तथा 2025 में उपराष्ट्रपति के रूप में भारत का दौरा किया है। इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका द्वारा जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद रोड्रिगेज अपने देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति बनीं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे ऊर्जा, औषधि और ऑटो सेक्टर से जुड़े कई स्थलों का दौरा करेंगी ताकि भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और सहयोग के अवसर तलाश सकें। रोड्रिगेज आध्यात्मिक गुरु सत्य साई बाबा की भक्त हैं और उन्होंने पूर्व में भारत यात्रा के दौरान आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी स्थित सत्य साई के आश्रम ‘प्रशांति निलयम’ का दौरा किया है। वह 2019 में, अगस्त 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के समय और 2024 में भी वहां गई थीं। मादुरो भी इस आध्यात्मिक गुरु के भक्त हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में भारत वेनेजुएला का एक महत्त्वपूर्ण साझेदार रहा है। भारतीय सरकारी कंपनियों ने वेनेजुएला में ऊर्जा क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण निवेश किया है और वे अपनी उपस्थिति को और बढ़ाने के अवसर तलाश रही हैं। वित्त वर्ष 2019–20 तक वेनेजुएला भारत के लिए कच्चे तेल का एक प्रमुख स्रोत था लेकिन प्रतिबंधों के बाद आयात बंद हो गया। वित्त वर्ष 2023–24 में आयात फिर शुरू हुआ  लेकिन प्रतिबंधों के पुनः लागू होने के कारण फिर से रोक दिया गया। भारतीय सरकारी कंपनियों ने 2008 से वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ साझेदारी बनाए रखी है। वेनेजुएला की कंपनियों पर ओएनजीसी का 50 करोड़ डॉलर से अधिक का बकाया लाभांश है।

ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) और पीडीवीएसए की सहायक कंपनी कॉर्पोरेशन वेनेजोलाना डले पेट्रोले ‘पेट्रोलेरालइंडोवेनेजोलाना एसए’  नामक एक संयुक्त उद्यम बनाया था, जो सैन क्रिस्टोबाल क्षेत्र में तेल उत्पादन और अन्वेषण के लिए था। इसमें ओवीएल की 40 फीसदी हिस्सेदारी और पीडीवीएसए की 60 फीसदी हिस्सेदारी है। ओवीएल का निवेश लगभग 20 करोड़ डॉलर था। एक अंतरराष्ट्रीय समूह- ओवीएल, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल), स्पेन की रेप्सोल और मलेशिया की पेट्रोनास को वेनेजुएला के ओरिनोको बेल्ट में काराबोबो क्षेत्र में एक कई लाख डॉलर की  तेल परियोजना विकसित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदा प्रक्रिया में विजेता घोषित किया गया था। 

First Published : June 2, 2026 | 10:26 PM IST