पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (फाइल फोटो)
West Bengal Cabinet Announces: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। इनमें सरकारी कर्मचारियों के 7वें वेतन आयोग से लेकर महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा और अन्नपूर्णा भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।
कैबिनेट ने राज्य में 7th Pay Commission को लागू करने को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे वेतन अंतर को कम करना बताया गया है।
इस निर्णय से राज्य के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षा संस्थानों और अन्य संबद्ध संस्थाओं के वेतन ढांचे में बदलाव की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को मंजूरी दी है। यह योजना 1 जून से लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इसका मकसद महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाना और उन्हें आर्थिक राहत देना है।
कैबिनेट ने नई सामाजिक योजना ‘अन्नपूर्णा भंडार’ को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की जगह लेगी, जिसके तहत हाल ही में सहायता राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह की गई थी।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अब से धार्मिक आधार पर चल रही किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता योजनाओं को बंद किया जाएगा। इस कदम को नीतिगत सुधार और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं को राज्य में तुरंत लागू किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की गति को तेज किया जा सके। सरकार ने जानकारी दी है कि CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों और वोटर लिस्ट में शामिल होने की प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पात्र लोगों को ‘अन्नपूर्णा’ योजना का लाभ दिया जाएगा।
कैबिनेट ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य की मौजूदा OBC सूची को समाप्त करने का फैसला लिया है। इसके लिए एक जांच आयोग गठित किया जाएगा, जो नई पात्रता के आधार पर आरक्षण की सूची तैयार करेगा। सरकार ने बताया है कि अगली कैबिनेट बैठक 15 दिन बाद आयोजित की जाएगी, जिसमें इन फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।