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अमरावती को बड़ा फंडिंग बूस्ट! वर्ल्ड बैंक ने जारी किए $340 मिलियन, अप्रैल में और $150 मिलियन मिलने की उम्मीद

अमरावती के विकास के लिए World Bank और Asian Development Bank से फंडिंग जारी, प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 12, 2026 | 12:51 PM IST

आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के विकास कार्य को लेकर फंडिंग तेज हो गई है। वर्ल्ड बैंक ने अब तक इस प्रोजेक्ट के लिए 340 मिलियन डॉलर जारी कर दिए हैं।

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था के एक अधिकारी के मुताबिक, यह राशि अमरावती कैपिटल फेज-1 के विकास के तहत दी गई है। वहीं, राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अप्रैल के अंत तक आंध्र प्रदेश को करीब 130 से 150 मिलियन डॉलर और मिलने की उम्मीद है। यह राशि वर्ल्ड बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक दोनों से आएगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस फंड पर ब्याज दर फिलहाल करीब 8 से 8.5 फीसदी के बीच है और अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से इसमें उतार-चढ़ाव होता रहेगा।

गौरतलब है कि वर्ल्ड बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक ने अमरावती परियोजना के लिए कुल 1600 मिलियन डॉलर देने का वादा किया है, जिसमें दोनों की हिस्सेदारी 800-800 मिलियन डॉलर है। इसके अलावा केंद्र सरकार भी इस प्रोजेक्ट में सहयोग कर रही है और 15 हजार करोड़ रुपये के कुल कमिटमेंट में से 1400 करोड़ रुपये देगी।

वर्ल्ड बैंक के प्रवक्ता के अनुसार, अप्रैल 2026 तक 340 मिलियन डॉलर की राशि जारी की जा चुकी है। अमरावती इंटीग्रेटेड अर्बन डेवलपमेंट प्रोग्राम को प्रोग्राम फॉर रिजल्ट्स फ्रेमवर्क के तहत लागू किया जा रहा है। इसमें फंडिंग तय समय पर नहीं, बल्कि तय लक्ष्यों और उपलब्धियों के आधार पर जारी की जाती है।

अमरावती विकास परियोजना को लेकर विश्व बैंक के एक अधिकारी ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए आगे मिलने वाली फंडिंग तय लक्ष्यों और माइलस्टोन पूरे होने पर निर्भर करेगी। इस ऋण में छह साल की राहत अवधि दी गई है, जबकि कुल अवधि 29 साल की है। कर्ज की अदायगी 15 जून 2031 से शुरू होगी।

अधिकारी के मुताबिक, पहले 14 महीनों में सरकार की प्राथमिकता संस्थागत ढांचे को मजबूत करने और जरूरी क्षमता विकसित करने पर रही है, ताकि अमरावती को एक समावेशी और रोजगार देने वाला ग्रोथ हब बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में कई अहम अध्ययन और आकलन किए जा रहे हैं। इनसे आंध्र प्रदेश सरकार को नए शहर के लिए बेहतर शहरी प्रबंधन और गवर्नेंस सिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे निवेश आकर्षित किया जा सके।

साथ ही, रोजगार पर फोकस करते हुए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इनका मकसद खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को नए अवसरों के लिए तैयार करना है, ताकि शहर के विकास के साथ वे सीधे फायदा उठा सकें।

इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़कों के नेटवर्क, आवासीय इमारतों और पानी, सीवरेज व ड्रेनेज जैसी जरूरी सेवाओं के लिए ठेकेदारों ने काम शुरू कर दिया है।

अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी अच्छी प्रगति हो रही है और छह अलग-अलग स्थानों पर 35 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है।

विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश सरकार को अमरावती के विकास में आगे भी मदद देता रहेगा। इन संस्थाओं की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली बेहतर तकनीक और विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके अमरावती को एक सुव्यवस्थित और जलवायु बदलाव के हिसाब से मजबूत शहर बनाया जाए।

इस योजना का मकसद है कि शहर में विकास को गति मिले, नए रोजगार के अवसर बनें और लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। यह विकास न सिर्फ मौजूदा लोगों के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

– पीटीआई इनपुट के साथ

First Published : April 12, 2026 | 12:40 PM IST