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अमेजन का बड़ा एक्शन: 1.5 करोड़ नकली प्रोडक्ट जब्त, करोड़ों फर्जी रिव्यू ब्लॉक

AI और मशीन लर्निंग के दम पर वैश्विक स्तर पर नकली सामान और साइबर फ्रॉड के खिलाफ सख्त कार्रवाई

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एजेंसियां   
Last Updated- April 22, 2026 | 4:29 PM IST

ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) ने 2025 में दुनियाभर में 1.5 करोड़ से ज्यादा नकली उत्पाद जब्त किए और करोड़ों संदिग्ध फर्जी रिव्यू को ब्लॉक किया। यह जानकारी कंपनी की पहली ‘ट्रस्टवर्दी शॉपिंग एक्सपीरियंस रिपोर्ट’ में दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी संगठित रिटेल अपराध, साइबर अपराध और प्रोडक्ट सुरक्षा से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का तेजी से इस्तेमाल कर रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में अमेजन की कानूनी कार्रवाई के चलते 100 से ज्यादा ऐसी वेबसाइट्स को बंद कराया गया, जो फर्जी रिव्यू और धोखाधड़ी को बढ़ावा दे रही थीं। इसके अलावा, 2020 में शुरू की गई कंपनी की काउंटरफिट क्राइम्स यूनिट (CCU) ने अब तक 14 देशों में 32,000 से ज्यादा संदिग्ध लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और आपराधिक मामलों में सहयोग किया है।

नकली सामान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेजन ने पिछले साल चीन की कानून प्रवर्तन एजेंसियों और ब्रांड्स के साथ मिलकर 70 से ज्यादा छापेमारी की, जिनमें नकली उत्पाद बनाने और बेचने वाले शामिल थे।

अपराधी लगातार बदल रहे तरीके

अमेजन में वर्ल्डवाइड कस्टमर एंड पार्टनर ट्रस्ट के वाइस प्रेसिडेंट रोहन ओमन ने कहा कि ग्लोबल रिटेल पहले से ज्यादा जुड़ा हुआ है, लेकिन उतना ही जटिल भी हो गया है। अपराधी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं, नेटवर्क सीमाओं के पार काम कर रहे हैं और खतरे सिर्फ नकली सामान तक सीमित नहीं हैं।

AI से मिल रही बड़ी मदद

ओमन ने कहा कि AI की वजह से कंपनी अब सिर्फ सक्रिय नहीं, बल्कि पूर्वानुमान आधारित रणनीति अपना रही है, जिससे अरबों डेटा सिग्नल का विश्लेषण कर खतरों को ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही पहचान लिया जाता है। इस महीने की शुरुआत में अमेजन ने अपनी काउंटरफिट क्राइम्स यूनिट (CCU) का विस्तार भारत में करने की घोषणा की थी।

कंपनी ने कहा कि यह यूनिट भारत में स्थानीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर ब्रांड्स, विक्रेताओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ काम करेगी, ताकि नकली सामान के नेटवर्क को खत्म किया जा सके और तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स सेक्टर में बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा की जा सके।

First Published : April 22, 2026 | 4:29 PM IST