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पर इधर खुद चुकाना पड़ेगा 36.8 करोड़ डॉलर का जुर्माना

Last Updated- December 10, 2022 | 4:20 PM IST

माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन पर पेंटेंट का उल्लंघन करने के आरोप में 36.8 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।


सेन डियागो स्थित फेडरल कोर्ट की एक जूरी ने कंप्यूटर से जुड़े एक मामले में माइक्रोसॉफ्ट को अल्काटेल ल्यूसेंट एसए कंपनी के पेंटेंट की अनदेखी करने का दोषी पाया है। अल्काटेल ने कंपनी के चार पेंटेंट का उल्लंघन करने के आरोप में माइक्रोसॉफ्ट और डेल इंक से हर्जाने के तौर पर 1.75 अरब डॉलर की मांग की थी।


जूरी ने यह भी पाया कि डेल ने अल्काटेल के स्टाइलस पेंटेंट का उल्लंघन किया है और यह आदेश दिया कि उसे इस जुर्म में कंपनी को 51,000 डॉलर अदा करने होंगे। हालांकि जूरी ने वीडियो कंट्रोल मामले से जुड़े दो पेंटेंट मामलों में कंपनी की ओर से की गई छेड़खानी के आरोप को गलत करार दिया। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार यह इस वर्ष का दूसरा सबसे बड़ा पेंटेंट मामला है जिसमें अदालत ने निर्णय सुनाया हो, जबकि अमेरिका में पेंटेंट संबंधित अब तक का यह पांचवा सबसे बड़ा मामला है।


इससे पहले भी माइक्रोसॉफ्ट पर ही अल्काटेल कंपनी के पेंटेंट के साथ छेड़खानी करने के आरोप में 1.52 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। माइक्रोसॉफ्ट के उप महा वाणिज्यदूत टॉम बर्ट ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इस मामले में उनपर से आरोप को जूरी खुद हआ देगी और कंपनी के पक्ष में निर्णय आएगा।


उन्होंने कहा कि इन दोनों ही मामलों में पर्याप्त तथ्यों के आधार पर फैसला नहीं सुनाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ इसी तरह का फैसला पिछले वर्ष भी माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ दिया गया था, जिसे बाद में अदालत ने वापस ले लिया था।

First Published - April 6, 2008 | 10:32 PM IST

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