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Elon Musk पर लगा निवेशकों को गुमराह करने का आरोप, कोर्ट से मिली आंशिक राहत

ट्विटर डील से पहले दिए गए बयानों पर जूरी ने Elon Musk को निवेशकों को गुमराह करने का दोषी माना, हालांकि धोखाधड़ी की साजिश के आरोप से उन्हें राहत मिल गई।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 21, 2026 | 1:52 PM IST

सैन फ्रांसिस्को की एक जूरी ने टेक उद्यमी ईलॉन मस्क (Elon Musk) को 2022 में ट्विटर के अधिग्रहण से पहले निवेशकों को गुमराह करने के मामले में जिम्मेदार ठहराया है। जूरी का मानना है कि मस्क ने उस समय ऐसे बयान दिए, जिनसे कंपनी के शेयर मूल्य पर असर पड़ा और निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, जूरी ने उन्हें धोखाधड़ी की साजिश रचने के आरोपों से राहत दे दी।

यह मामला एक क्लास एक्शन मुकदमे से जुड़ा है, जिसे मस्क द्वारा ट्विटर का नियंत्रण संभालने से ठीक पहले दायर किया गया था। बाद में मस्क ने ट्विटर का नाम बदलकर एक्स कर दिया था। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि मस्क ने मई 2022 में किए गए दो ट्वीट और एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान ऐसे बयान दिए, जिनसे निवेशकों को भ्रमित किया गया।

जूरी के सामने मुख्य सवाल यह था कि क्या मस्क के इन बयानों के कारण निवेशकों ने अपने शेयर बेचने का फैसला लिया और क्या यह कदम जानबूझकर उन्हें गुमराह करने के इरादे से उठाया गया था। सुनवाई के बाद जूरी ने माना कि मस्क की टिप्पणियों का बाजार पर प्रभाव पड़ा और इससे निवेशकों को नुकसान हुआ।

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हालांकि, जूरी ने यह भी स्पष्ट किया कि मस्क ने कोई संगठित साजिश नहीं रची थी और उनके खिलाफ लगाए गए कुछ गंभीर धोखाधड़ी के आरोप साबित नहीं हो सके। इस फैसले के साथ ही मामले का एक अहम पहलू साफ हो गया है, लेकिन यह भी संकेत मिला है कि निवेशकों को हुए नुकसान को लेकर आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।

टेस्ला के सीईओ Elon Musk से जुड़े बहुचर्चित मामले में नौ सदस्यीय जूरी ने तीन दिनों की विचार-विमर्श प्रक्रिया के बाद अपना फैसला सुना दिया। यह फैसला 2 मार्च से शुरू हुए ट्रायल के लगभग तीन सप्ताह बाद आया है।

जूरी ने माना कि मस्क ने अपने दो ट्वीट्स के जरिए निवेशकों को गुमराह किया था। इनमें वह ट्वीट भी शामिल है जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्विटर डील “अस्थायी रूप से होल्ड” पर है। हालांकि, जूरी ने यह भी स्पष्ट किया कि एक पॉडकास्ट में दिए गए उनके बयान के मामले में उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता और न ही उन्होंने जानबूझकर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने की कोई साजिश रची।

यह मामला क्लास एक्शन के तहत दायर किया गया था, इसलिए हजारों शेयरधारकों को मिलने वाले कुल मुआवजे की सटीक राशि अभी स्पष्ट नहीं है। इनमें बड़ी संख्या में संस्थागत निवेशक भी शामिल हैं। हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा है कि कुल मुआवजा अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है। जूरी ने प्रति शेयर प्रतिदिन के हिसाब से निवेशकों को लगभग 3 से 8 डॉलर के बीच भुगतान का आधार तय किया है।

मस्क की कुल संपत्ति इस समय करीब 814 अरब डॉलर आंकी जा रही है, जिसमें बड़ा हिस्सा टेस्ला के शेयरों से जुड़ा हुआ है।

ट्रायल के दौरान मुख्य बहस ट्विटर पर मौजूद फर्जी और स्पैम अकाउंट्स की संख्या को लेकर रही। मस्क ने अदालत में दावा किया कि ट्विटर ने अपने आधिकारिक दस्तावेजों में जो 5 प्रतिशत फर्जी खातों का आंकड़ा बताया था, वास्तविक संख्या उससे कहीं ज्यादा है। इसी आधार पर उन्होंने ट्विटर खरीदने के सौदे से पीछे हटने की कोशिश की थी।

जब मस्क ने इस डील से पीछे हटने का प्रयास किया, तो Twitter ने डेलावेयर की अदालत का रुख किया और उन्हें मूल समझौते का पालन करने के लिए मजबूर करने की मांग की। हालांकि, मामले की सुनवाई शुरू होने से ठीक पहले मस्क ने अपना रुख बदलते हुए पहले तय की गई कीमत पर सौदे को पूरा करने के लिए सहमति दे दी।

First Published : March 21, 2026 | 1:52 PM IST