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चीनी सब्सिडी पर फैसले के खिलाफ भारत ने की अपील

Last Updated- December 11, 2022 | 10:28 PM IST

भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की विवाद समाधान समिति के फैसले के खिलाफ अपील की है। विवाद समाधान समिति ने अपने फैसले में कहा है कि भारत के चीनी और गन्ने के लिए घरेलू समर्थन उपाय वैश्विक व्यापार नियमों के अनुकूल नहीं हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
भारत ने डब्ल्यूटीओ के अपीलीय निकाय के समक्ष यह अपील की है। यह निकाय ऐसे व्यापार विवादों का अंतिम रूप से निपटान करने वाला प्राधिकरण है। भारत ने कहा है कि डब्ल्यूटीओ की विवाद समाधान समिति ने गन्ना उत्पादकों तथा निर्यात को समर्थन की घरेलू योजनाओं को लेकर अपने फैसले में कई गलत निष्कर्ष निकाले हैं, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। समिति ने 14 दिसंबर, 2021 को अपने फैसले में कहा था कि भारत को उत्पादन सहायता, बफर स्टॉक और विपणन और परिवहन योजनाओं के तहत कथित रूप से प्रतिबंधित सब्सिडी को वापस लेना चाहिए। समिति ने भारत से कहा था कि उसे इस रिपोर्ट के 120 दिन के अंदर प्रतिबंधित सब्सिडी को वापस लेना होगा।
भारत की चीनी सब्सिडी के खिलाफ ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और ग्वाटेमाला की शिकायत पर समिति ने यह व्यवस्था दी थी। समिति ने कहा था कि भारत के समर्थन उपाय डब्ल्यूटीओ व्यापार नियमों के अनुरूप नहीं हैं। अधिकारी ने कहा कि विवाद समाधान समिति का फैसला अनुचित है और यह डब्ल्यूटीओ नियमों के अनुरूप नहीं है। अधिकारी ने बताया, कथित निर्यात सब्सिडी पर समिति के निष्कर्ष तार्किक नहीं हैं। भारत ने समिति के फैसले के खिलाफ अपीलीय निकाय में अपील की है।
ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और ग्वाटेमाला ने 2019 में भारत को डब्ल्यूटीओ की विवाद निपटान समिति में घसीटा था। इनका कहना था कि भारत का उपाय वैश्विक व्यापार नियमों के अनुकूल नहीं हैं।

First Published - January 2, 2022 | 11:31 PM IST

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