नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनस गार स्टर के साथ प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले दो दिन में स्वीडन और नॉर्वे की यात्रा का उद्देश्य भारत के व्यापार और निवेश संबंधों को इन देशों के साथ और अधिक गहरा करना था। इसके लिए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का लाभ उठाकर अगले 15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश और एक अरब नौकरियां तैयार करने का लक्ष्य शामिल है। सोमवार को नॉर्वे की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्वे ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ऊंचा उठाया।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनस गार स्टर के साथ बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस साझेदारी की मदद से भारतीय कंपनियों को समुद्री अर्थव्यवस्था से लेकर पर्यावरण के अनुकूल नौवहन तक अनेक क्षेत्रों में नए हल तलाशने में मदद मिलेगी और इस दौरान भारत का व्यापक पैमाना और गति तथा भारतीय प्रतिभाओं को नॉर्वे की तकनीक और पूंजी से भी मदद मिलेगी। इससे पहले मोदी ने स्वीडन की अपनी यात्रा पूरी की। मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को अगले पांच सालों में दोगुना करने की बात कही।
भारत और स्वीडन का द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 7.75 अरब डॉलर पहुंच गया और 2000 से 2025 के बीच स्वीडन की कंपनियों ने भारत में 2.825 अरब डॉलर का निवेश किया। 2027 में दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार और निवेश शिखर बैठक का आयोजन किया जाएगा जो भारत में होगी। इस बैठक में संयुक्त टिकाऊ अधोसंरचना विकास पर ध्यान दिया जाएगा जिसमें पर्यावरण के अनुकूल बंदरगाह, हवाई अड्डे और डेटा सेंटर सहित डिजिटल अधोसंरचना शामिल है।
अधिकारियों के मुताबिक भारत में 300 स्वीडिश कंपनियां मौजूद हैं। भारत और स्वीडन ने द्विपक्षीय एसएमई और स्टार्ट-अप प्लेटफॉर्म विकसित करने, वर्चुअल इंडिया-स्वीडन संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने और स्वीडन-भारत प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कॉरिडोर बनाने पर सहमति जताई। दोनों देशों के निजी और सार्वजनिक क्षेत्र ग्रीन स्टील उत्पादन पर सहयोग करेंगे और भारत और स्वीडन के बीच उच्च कौशल वाले श्रमिकों और पेशेवर विशेषज्ञों की भर्ती को सुगम बनाने के लिए आगे के उपाय तलाशेंगे।
उदाहरण के लिए ‘वर्क इन स्वीडन’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से। स्वीडन ने अपने ‘स्टडी इन स्वीडन’ कार्यक्रम के तहत और अधिक भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं की मेजबानी करने पर सहमति जताई। वर्तमान में स्वीडन में 90,000 भारतीय रह रहे हैं और काम कर रहे हैं।
स्वीडिश इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस फिजिक्स इसरो के साथ भारत के शुक्र ग्रह ऑर्बिटर मिशन पर साझेदारी करेगा। भारत और स्वीडन ने उन्नत खनन और खनिज प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों में सहयोग करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री 19 मई को नॉर्वे के ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
भारत और यूरोपीय संघ की व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने के बाद यह मोदी की पहली यूरोप यात्रा है। नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने शीर्ष व्यावसायिक नेताओं से मुलाकात की। स्वीडन और नॉर्वे ने उन्हें अपने-अपने नागरिक सम्मान भी प्रदान किए। रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन के गोथेनबर्ग में यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री की बैठक को संबोधित किया, जिसमें यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल थीं।
इस अवसर पर प्रमुख स्वीडिश कंपनियों जैसे वोल्वो, एस्ट्राजेनेका, साब, एरिक्सन आदि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी उपस्थित थे। यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री एक पैन-यूरोपीय मंच है जो यूरोपीय संघ, यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) और ब्रिटेन के प्रमुख व्यापार और उद्योग नेताओं का प्रतिनिधित्व करता है।
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते, ईएफटीए के साथ ट्रेड एंड इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (टीईपीए) और यूनाइटेड किंगडम के साथ एक व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है। प्रधानमंत्री ने यूरोपीय कंपनियों को भारत के दूरसंचार और डिजिटल अधोसंरचना क्षेत्र, हरित परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, शहरी परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।