अंतरराष्ट्रीय

US-Iran Tensions: होर्मुज पर ईरान का बड़ा यू-टर्न! ‘ट्रेडिशनल फीस’ नहीं, अब नए नियमों से होगी एंट्री

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान सख्त नियंत्रण के संकेत दे रहा है, जहां तय रूट, सुरक्षा फीस और राजनीतिक हालात के आधार पर जहाजों की आवाजाही तय होगी।

Published by
बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 18, 2026 | 12:20 PM IST

ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर वह पारंपरिक ट्रांजिट शुल्क नहीं लगाएगा, लेकिन इसके बदले एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है जो सुरक्षा समन्वय से जुड़ा होगा।

ईरान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने अल जजीरा मुबाशर से बातचीत में कहा कि सरकार ऐसे कानून पर काम कर रही है जिसमें जहाजों से सीधे गुजरने का शुल्क नहीं, बल्कि जलडमरूमध्य की सुरक्षा के नाम पर फीस ली जा सकती है।

उन्होंने संकेत दिया कि अब इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ पहले से समन्वय करना होगा। रज़ाई के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के “विरोधी सैन्य जहाजों” को यहां से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी, जबकि “मित्र देशों” के जहाज तय प्रक्रिया के तहत आ-जा सकेंगे।

रज़ाई ने यह भी दोहराया कि होर्मुज की सुरक्षा या प्रबंधन में अमेरिका की किसी भूमिका को ईरान स्वीकार नहीं करता।

वहीं, ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, अधिकारी महमूद नबावियन ने कहा है कि कुछ कारोबारी जहाजों को शुल्क देने के बाद इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि इस रास्ते को पूरी तरह खोलने का फैसला लेबनान में संभावित संघर्षविराम से जुड़ा हो सकता है।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इन दोनों मुद्दों के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।

ईरान ने साफ कहा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को अब तय रूट से ही आना-जाना होगा और इसके लिए तेहरान की अनुमति जरूरी होगी।

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित रहेगी। कौन सा जहाज कब और कैसे गुजरेगा, यह जमीनी हालात के आधार पर तय होगा, न कि सोशल मीडिया पर चल रही बातों से।

दूसरी ओर,  ट्रंप ने दावा किया कि ईरान, इजरायल और लेबनान को लेकर कूटनीतिक स्तर पर बड़ी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खुला और कारोबार के लिए तैयार बताया है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की नौसैनिक ताकत पूरी तरह सक्रिय रहेगी और ईरान के साथ किसी भी समझौते को तब तक पूरी तरह लागू नहीं माना जाएगा, जब तक उस पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो जाते।

इस बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बयानों में अंतर साफ नजर आ रहा है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही की अनुमति देगा, लेकिन यह पहले से तय रास्ते के तहत ही संभव होगी।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बघाई ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान के बंदरगाहों पर किसी तरह की समुद्री नाकेबंदी जारी रहती है तो तेहरान भी जवाबी कदम उठाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की जिम्मेदारी ईरान के पास है और जरूरत के हिसाब से वह नरमी भी दिखाएगा।

इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब क्षेत्र में तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।

-एजेंसी इनपुट के साथ

First Published : April 18, 2026 | 12:09 PM IST