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Middle East Crisis: ड्रोन हमले से दहला दुबई, इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद; कई उड़ानें डायवर्ट

ड्रोन हमले के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एहतियातन उड़ानें अस्थायी रूप से रोकी गईं और कई फ्लाइट्स को अल मकतूम एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 16, 2026 | 10:41 AM IST

Dubai Airport Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुबई से एक अहम खबर सामने आई है। ड्रोन हमले की घटना के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एहतियात के तौर पर सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है तथा यात्रियों को फिलहाल एयरपोर्ट न आने की सलाह दी गई है।

एयरलाइन कंपनी एमिरेट्स ने सोमवार को जानकारी दी कि ड्रोन से जुड़ी घटना के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा है। इसके चलते दुबई आने और यहां से जाने वाली सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे फिलहाल एयरपोर्ट की ओर न जाएं और अपनी फ्लाइट से संबंधित जानकारी के लिए एयरलाइन या आधिकारिक माध्यमों से अपडेट लेते रहें।

दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार ड्रोन की टक्कर एयरपोर्ट के पास स्थित एक ईंधन टैंक से हुई थी। इस टक्कर के कारण वहां आग लग गई थी। हालांकि राहत की बात यह है कि आग पर जल्दी ही काबू पा लिया गया और किसी भी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

दुबई मीडिया ऑफिस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ईंधन टैंक के पास लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया ताकि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, उड़ानों के संचालन को फिर से शुरू करने की घोषणा की जाएगी।

इधर एयरपोर्ट के बंद होने के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दुबई के दूसरे एयरपोर्ट अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर दिया गया है। वहां से यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।

Strait of Hormuz को लेकर ट्रंप की चेतावनी, नाटो और अन्य देशों से मांगी मदद

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने नाटो (NATO) देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सहयोगी देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद नहीं करते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर सहयोगी देश इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका नहीं निभाते हैं तो नाटो के लिए भविष्य “बहुत खराब” हो सकता है।

यह टिप्पणी उन्होंने ब्रिटेन के प्रमुख अखबार फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में की। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ होने वाली प्रस्तावित बैठक को भी टाल सकते हैं, क्योंकि वह पहले यह जानना चाहते हैं कि इस संकट के मुद्दे पर चीन का रुख क्या है।

चीन से भी सहयोग की अपेक्षा

ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से चीन को भी काफी लाभ मिलता है। उनके अनुसार चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में तेल इसी मार्ग से आयात करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा सुनिश्चित करने में चीन को भी आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो देश इस जलमार्ग से लाभ उठाते हैं, उनके लिए यह स्वाभाविक जिम्मेदारी है कि वे इसे सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग दें। ट्रंप के अनुसार केवल अमेरिका पर ही इसकी जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए।

व्यापार वार्ता के बीच संभावित बैठक

इस बीच अमेरिका और चीन के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent और चीन के उप प्रधानमंत्री He Lifeng ने पेरिस में दो दिनों की वार्ता के पहले चरण को पूरा किया है। इन वार्ताओं का उद्देश्य व्यापार समझौते से जुड़े मतभेदों को दूर करना और ट्रंप की संभावित बीजिंग यात्रा के लिए रास्ता तैयार करना है।

हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि चीन की भूमिका स्पष्ट नहीं होती है तो उनकी यह यात्रा आगे बढ़ सकती है।

युद्धपोत भेजने की अपील

ट्रंप ने शनिवार को कई देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों को इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ानी चाहिए।

उनके अनुसार इन देशों को माइंसवीपर जहाज और अन्य सैन्य संसाधन भेजने चाहिए ताकि समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों और ड्रोन जैसे खतरों से निपटा जा सके।

ईरान पर ट्रंप का आरोप

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरानी बलों के पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं, इसलिए वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में तनाव पैदा कर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करना चाहता है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यह जलडमरूमध्य Iran और Oman के बीच स्थित है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में इसकी बड़ी भूमिका है।

आंकड़ों के अनुसार दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति इसी मार्ग से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का अवरोध वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर डाल सकता है।

First Published : March 16, 2026 | 10:41 AM IST