मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने शनिवार को पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि हाल के दिनों में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के पीछे सैन्य स्तर पर हुई गलतफहमी जिम्मेदार थी। हालांकि उन्होंने अमेरिका की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें वार्ता शुरू करने से पहले ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा गया है।
राज्य टेलीविजन पर प्रसारित एक रिकॉर्डेड संबोधन में पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान अब क्षेत्रीय देशों पर हमले रोक देगा। उन्होंने इन हमलों से प्रभावित देशों के प्रति खेद व्यक्त किया और कहा कि कुछ हमलों में नागरिक ठिकाने भी प्रभावित हुए, जिनमें हवाई अड्डे शामिल हैं। इन घटनाओं के कारण कई स्थानों पर उड़ान सेवाएं बाधित हुईं और कई फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं।
सैन्य स्तर पर गलतफहमी का दावा
ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि देश की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी देशों के खिलाफ हमले रोकने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान तभी जवाबी कार्रवाई करेगा जब इन देशों की धरती से ईरान पर हमला किया जाएगा। पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं, जिसके कारण क्षेत्र में तनाव और जटिल हो गया है।
अमेरिका की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया
पेजेशकियन ने अमेरिका की उस शर्त को खारिज कर दिया जिसमें बातचीत से पहले ईरान से “बिना शर्त समर्पण” करने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि यह ऐसी कल्पना है जिसे अमेरिका को अपने साथ ही दफना देना चाहिए।
इससे एक दिन पहले Donald Trump ने दोहराया था कि जब तक ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता तब तक किसी प्रकार का समझौता संभव नहीं है।
खाड़ी देशों तक फैला संघर्ष
ईरानी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार सुबह ईरान की ओर से कई अरब देशों की दिशा में ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए।
Bahrain में हवाई हमले की चेतावनी सायरन बजने लगे, जबकि Saudi Arabia ने दावा किया कि उसने शायबह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे ड्रोन को मार गिराया और Prince Sultan Air Base को निशाना बनाकर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को भी नष्ट कर दिया।
इसी दौरान Dubai में भी कई विस्फोटों की खबरें सामने आईं, जिसके बाद वहां की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई। सुरक्षा अलर्ट जारी होने के बाद Dubai International Airport पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और उन्हें भूमिगत ट्रेन सुरंगों में शिफ्ट किया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Emirates एयरलाइन ने घोषणा की कि दुबई से आने और जाने वाली सभी उड़ानों को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक ड्रोन हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल के पास गिरता हुआ देखा गया।
क्षेत्र में बढ़ी अनिश्चितता
लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों के कारण पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता का माहौल बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास जल्द शुरू नहीं हुए तो यह तनाव और अधिक देशों को अपनी चपेट में ले सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तनाव कम करने के प्रयासों की उम्मीद कर रहा है।