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होर्मुज पर जयशंकर का बड़ा बयान, ईरान से कोई पहले से तय समझौता नहीं

भारतीय जहाजों के सुरक्षित गुजरने पर विदेश मंत्री ने साफ की तस्वीर

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भाषा   
Last Updated- March 17, 2026 | 8:25 AM IST

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को निकालने के लिए भारत का ईरान के साथ कोई ‘पूर्व निर्धारित समझौता’ नहीं है और ‘प्रत्येक जहाज की आवाजाही एक अलग घटना है।’‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए साक्षात्कार में जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली और तेहरान के बीच हुई बातचीत के परिणामस्वरूप भारतीय ध्वज वाले दो टैंकर इस महत्त्वपूर्ण मार्ग से गुजर सके हैं।

ब्रसेल्स में दिए गए साक्षात्कार में जयशंकर ने कहा, ‘मैं इस समय ईरान से बातचीत कर रहा हूं और इसके कुछ परिणाम निकले हैं। यह प्रक्रिया जारी है। अगर इससे मुझे परिणाम मिल रहा है, तो मैं स्वाभाविक रूप से आगे भी ऐसा करना जारी रखूंगा।’

ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक तेल और एलएनजी का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है। पश्चिम एशिया क्षेत्र भारत की ऊर्जा खरीद का प्रमुख स्रोत है। जयशंकर ने इस बात से भी इनकार किया कि भारत ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को गुजरने देने के बदले में ईरान को कुछ दिया था।

 

First Published : March 17, 2026 | 8:25 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)