अंतरराष्ट्रीय

होर्मुज खुलने की तैयारी, लेकिन तेल सप्लाई पर अभी भी बड़ा सस्पेंस

सीजफायर के बाद होर्मुज से आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद, लेकिन शिपिंग कंपनियों की हिचक और क्षेत्रीय तनाव से अनिश्चितता बरकरार

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शुभांगी माथुर   
Last Updated- April 09, 2026 | 9:24 AM IST

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्ध विराम समझौता होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बहाल होने वाली है। इसे देखते हुए भारत की तेल शोधन कंपनियों (रिफाइनरी) ने पश्चिम एशिया के आपूर्तिकर्ताओं के साथ बातचीत शुरू कर दी है। मगर इस पूरे मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि नौवहन कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट से माल भेजने में फिलहाल हिचकिचाहट दिखा रही हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकी की समय सीमा समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ईरान ने अमेरिका द्वारा हमले बंद करने की शर्त पर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित गुजरने की इजाजत देने की मांग मान ली। पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति पर अत्यधिक निर्भर भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने सऊदी अरब की अरामको, यूएई की एडनोक और कुवैती कंपनियों सहित आपूर्तिकर्ताओं से इस मार्ग से खरीद दोबारा बहाल करने के लिए तुरंत संपर्क किया है।

एक रिफाइनरी कंपनी के अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया,‘हमने शिपिंग कंपनियों से संपर्क किया है और उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। ट्रंप और ईरान की टिप्पणियों के बाद वे जमीनी स्थिति का आकलन कर रहे हैं।’

भारत ऊर्जा आपूर्ति के लिए पश्चिम एशिया पर काफी हद तक निर्भर है। देश लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और 90 प्रतिशत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का आयात होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े रास्तों के माध्यम से करता है। रसोई गैस की गैस की भारी कमी के बीच भारतीय तेल कंपनियों द्वारा इस क्षेत्र से एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देने की उम्मीद है।

एक अन्य रिफाइनरी अधिकारी ने कहा,‘हम एलपीजी जैसी महत्त्वपूर्ण (ऊर्जा) आपूर्ति को प्राथमिकता दे रहे हैं। खरीदार और विक्रेता तैयार हैं मगर आपूर्ति की बहाली अब जहाजों के मालिक पर निर्भर करती है।’ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) सहित प्रमुख भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को भेजे गए सवालों का समाचार लिखे जाने तक कोई उत्तर नहीं आया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में अनिश्चितता को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट से यातायात सामान्य होने में महीनों लग सकते हैं। एसऐंडपी ग्लोबल एनर्जी के अनुसंधान एवं विश्लेषण निदेशक झूवेई वांग ने कहा,‘अगर होर्मुज से यातायात बहाल हो जाता है तो व्यापार प्रवाह को सामान्य होने में हफ्तों नहीं बल्कि महीनों लगेंगे। मांग में जो गिरावट पहले से ही जारी है वह युद्ध विराम के बावजूद जारी रह सकती है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही बहाल होने के बाद अब आगे क्या होगा। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि निकट भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट में हालात लगातार तनावपूर्ण ही रहेंगे।’

इस अहम जलमार्ग के फिर से खुलने के साथ ही आने वाले दिनों में ऊर्जा की कीमतों में कमी आने से भारतीय तेल कंपनियों के कारोबार पर दबाव अब कम हो सकता है। आईसीआरए लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कॉर्पोरेट रेटिंग के सह-समूह प्रमुख प्रशांत वशिष्ठ ने कहा,‘कच्चा तेल और अन्य उत्पादों की आपूर्ति सामान्य होने में महीनों लग सकते हैं। मगर कच्चा तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों जैसे नेफ्था, एलपीजी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी जिससे इनकी किल्लत तत्काल दूर हो जाएगी। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट से आपूर्ति फिर बहाल होने की संभावना के साथ कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में कमी आई है जिससे तेल विपणन कंपनियों के विपणन मार्जिन और एलपीजी पर नुकसान कम हो सकता है।’

First Published : April 9, 2026 | 9:24 AM IST