अंतरराष्ट्रीय

मिडिल ईस्ट संकट गहराया, तेल कीमतों में तेजी बरकरार, भारत ने ऊर्जा सप्लाई बनाए रखने के लिए बढ़ाए प्रयास

ईरान तनाव और जारी हमलों के बीच कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जबकि भारत ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा है।

Published by
शुभांगी माथुर   
Last Updated- March 25, 2026 | 7:55 AM IST

Middle East Crisis: कच्चे तेल के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के इर्द-गिर्द रहा। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा पांच दिन के लिए ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले टालने की घोषणा के बावजूद अमेरिका और इजरायल ने हमले जारी रखे जिससे तेल के दाम ऊंचे स्तरों पर बने रहे।

बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत भारतीय मानक समय के अनुसार शाम 5 बजे तीन प्रतिशत बढ़कर 98.57 डॉलर प्रति बैरल हो गई जबकि 23 मार्च को यह 95.96 डॉलर प्रति बैरल थी।

इस बीच, एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने होर्मुज स्ट्रेट से टैंकरों के गुजरने के लिए ईरान को भुगतान करने की बात से इनकार किया। होर्मुज एक महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जिससे वैश्विक कच्चे तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।

पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा,‘होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है। इसे पार करने के लिए कोई शुल्क नहीं दिया जाता है। भुगतान करने से जुड़ी खबरें बेबुनियाद हैं।’ यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आई है जिनमें दावा किया गया है कि भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान को 20 लाख डॉलर रकम का भुगतान किया है।

भारतीय ध्वज वाले दो  तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर पाइन गैस और जग वसंत 23 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे और अब भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं। लगभग 45,000 टन एलपीजी लेकर आ रहा पाइन गैस टैंकर 27 मार्च को न्यू मंगलूर बंदरगाह के लिए रवाना होगा।

लगभग 47,612.59 टन एलपीजी लेकर आ रहा जग वसंत टैंकर 26 मार्च को कांडला बंदरगाह के लिए निकलेगा। सरकार ने बताया कि इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के बाद पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में लगभग 540 भारतीय नाविकों वाले 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच देश में ऊर्जा आपूर्ति की कमी देखते हुए सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से गैस और कच्चे तेल की खरीद के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

राज्य सभा में दिए गए एक बयान में मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध चिंता का विषय है और भारत संवाद और कूटनीति के माध्यम से इस क्षेत्र में शांति चाहता है। एलपीजी की कमी के बीच भारत सरकार उपयोगकर्ताओं को 500 रुपये की मुफ्त गैस जैसे प्रोत्साहन देकर पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सरकार ने कहा कि 23 मार्च को 110 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) में 7,500 से अधिक घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन जारी या सक्रिय किए गए।

First Published : March 25, 2026 | 7:55 AM IST