US President Donald Trump
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर एक अहम प्रगति सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि उनकी पहल पर रूस और यूक्रेन तीन दिन के युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने इसे लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
व्हाइट हाउस से रवाना होते समय ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin और यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy से युद्धविराम की अपील की थी, जिसे दोनों नेताओं ने तुरंत स्वीकार कर लिया। ट्रंप ने कहा कि कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन लोगों की जानें बचेंगी और यही सबसे अच्छी बात है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार Yuri Ushakov ने भी इस समझौते की पुष्टि की है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह युद्धविराम शनिवार से सोमवार तक लागू रहेगा। शनिवार को रूस में विक्ट्री डे मनाया जाता है, जो द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की याद में आयोजित किया जाता है।
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हालांकि यह युद्धविराम केवल तीन दिनों के लिए है, लेकिन इसे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और आगे शांति वार्ता की संभावनाओं के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि 9 मई से 11 मई तक दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू रहेगा। उन्होंने बताया कि यह फैसला द्वितीय विश्व युद्ध में विजय दिवस के मौके पर लिया गया है, जिसका रूस में खास महत्व है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यूक्रेन ने भी दूसरे विश्व युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी।
ट्रंप के मुताबिक, युद्धविराम के दौरान दोनों देशों के बीच सभी सैन्य गतिविधियां रोकी जाएंगी। इसके साथ ही रूस और यूक्रेन 1,000-1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली भी करेंगे।
इससे पहले रूस ने शुक्रवार और शनिवार के लिए युद्धविराम का ऐलान किया था, लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। हाल ही में यूक्रेन की ओर से घोषित एकतरफा सीजफायर भी ज्यादा देर तक नहीं चल पाया था।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह अपील सीधे रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों से की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कदम लंबे समय से जारी खूनी संघर्ष को खत्म करने की दिशा में बड़ी शुरुआत साबित हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है और हर दिन समाधान के और करीब पहुंचा जा रहा है। हालांकि ट्रंप पहले भी कई बार युद्ध को लेकर अलग-अलग बयान दे चुके हैं। कभी उन्होंने शांति समझौते की उम्मीद जताई, तो कभी कहा कि रूस और यूक्रेन को अंत तक लड़ने दिया जाना चाहिए।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत में शामिल होने का फैसला युद्धबंदियों की रिहाई की संभावना को ध्यान में रखकर लिया गया है। यूक्रेन लगातार अपने सैनिकों और नागरिक युद्धबंदियों की वापसी को सबसे अहम मुद्दा बता रहा है।
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा कि यूक्रेन के लिए रेड स्क्वायर से ज्यादा महत्व उन युद्धबंदियों की जिंदगी का है जिन्हें वापस घर लाया जा सकता है। रूस हर साल विजय दिवस पर रेड स्क्वायर में सैन्य परेड आयोजित करता है, जिसे देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में गिना जाता है।
इसके बाद जेलेंस्की ने एक औपचारिक राष्ट्रपति आदेश जारी कर रूस को परेड आयोजित करने की “अनुमति” देने की घोषणा की। साथ ही कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान रेड स्क्वायर पर यूक्रेन की ओर से कोई हमला नहीं किया जाएगा। यूक्रेन ने इस कदम को इस तरह पेश किया कि वह मॉस्को तक निशाना साधने की क्षमता रखता है, लेकिन युद्धविराम की शर्तों का पालन करते हुए संयम बरत रहा है।
हालांकि क्रेमलिन ने इस बयान को गंभीरता से नहीं लिया। क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने जेलेंस्की के आदेश को “बेतुका मजाक” करार देते हुए कहा कि विजय दिवस पर गर्व करने के लिए रूस को किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है।
Volodymyr Zelenskyy ने कहा कि युद्धविराम को लेकर समझौता अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के जरिए संभव हो पाया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उनकी टीम का प्रभावी कूटनीतिक प्रयासों के लिए धन्यवाद भी जताया।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को उम्मीद है कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि रूस समझौते की शर्तों का पालन करे। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका पर भरोसा कर रहे हैं कि रूस अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा।”
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी टीम को कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया में बिना देरी सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिए हैं।
इस बीच ट्रंप की ओर से युद्धविराम समझौते की घोषणा ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों को लेकर निराशा जाहिर की।
रोम और वेटिकन दौरे के बाद पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि अब तक अमेरिका की मध्यस्थता से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शांति वार्ता की प्रक्रिया ठहराव की स्थिति में है। हालांकि, अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए अपनी भूमिका निभाने को तैयार है, यदि परिस्थितियां बदलती हैं।