प्रतीकात्मक तस्वीर
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बुधवार को तीन जहाजों पर गोलीबारी की और दो को जब्त कर लिया जिससे इस रणनीतिक जलमार्ग पर उसकी पकड़ और मजबूत हो गई। यह घटना तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता फिर से शुरू होने के कोई संकेत न मिलने पर हमलों को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया है।
ईरान ने ट्रंप द्वारा किए गए युद्ध विराम विस्तार को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन एक ईरानी राजनयिक ने कहा कि जब तक नाकाबंदी नहीं हटाई जाती तब तक बातचीत दोबारा शुरू नहीं होगी।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बताया कि रिवॉल्यूशनरी गार्ड समुद्री नियमों के उल्लंघन के आरोप में दो जहाजों को जब्त कर ईरान के तट पर ले आए। फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब ईरान ने जहाजों को जब्त किया है। इन जहाजों की पहचान एमएससी फ्रांन्सेस्का और एपामिनोड्स के रूप में की गई है। जहाजों के मालिकों से इस मामले पर टिप्पणी के लिए फिलहाल संपर्क नहीं हो सका।
इन घटनाओं को ईरान के नेतृत्व द्वारा एक बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो अमेरिकी वार्ताकारों के साथ अब और कड़े शर्तों पर सौदा करने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले एक ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने बताया था कि तीन जहाजों पर गोलीबारी हुई थी।
ईरानी गोलीबारी में निशाना बनने वाले तीन वाणिज्यिक जहाजों में से एक जहाज संभवतः गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहा था। समुद्री निगरानी कंपनी मैरीनट्रैफिक के मुताबिक एपामिनोंडस नामक कंटेनर जहाज ने अपने गंतव्य के रूप में मुंद्रा बंदरगाह का संकेत दिया था।
ट्रंप ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा था कि मध्यस्थ देश पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के साथ युद्ध विराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है। यह कदम ईरान के आंतरिक मतभेदों से जूझ रहे नेतृत्व को 7 सप्ताह से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है। नाटकीय रूप से यह घोषणा तब की गई, जब 8 अप्रैल को घोषित दो सप्ताह का युद्ध विराम कुछ ही घंटों में समाप्त होने वाला था।
हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ईरान पर अपने हमले को तब तक ही रोकेगा, जब तक ईरान के नेता और प्रतिनिधि समेकित प्रस्ताव तैयार नहीं कर लेते। उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर आर्थिक नाकाबंदी जारी रहेगी। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा भी टल गई, जहां ईरानी प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता प्रस्तावित थी।
अमेरिका ने शनिवार को ईरान के एक मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की और उसे जब्त कर लिया था। मंगलवार को भी उसने हिंद महासागर में एक ईरानी तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया।
अमेरिका की आलोचना करते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी युद्ध की कार्रवाई है और युद्ध विराम का उल्लंघन है। अमेरिका-ईरान के बीच तकरार के बावजूद पाकिस्तान बातचीत को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटा है।
दक्षिणी लेबनान में इजरायल के तीन अलग-अलग हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इजरायल ने एक हमले से इनकार किया और बाकी पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब इजरायल और लेबनान के राजदूत गुरुवार को वॉशिंगटन में नाजुक युद्धविराम को बढ़ाने पर नई बैठक की तैयारी कर रहे हैं। इजरायली ड्रोन ने जब्बूर गांव पर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और दो घायल हो गए। हालांकि इजरायल की सेना ने इस हमले से इनकार किया।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अल-तिरी गांव पर इजरायल के दो हमलों में एक पत्रकार सहित तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य पत्रकार घायल हुआ। अधिकारियों ने बताया कि दैनिक अखबार अल-अखबार के लिए काम करने वाली पत्रकार अमल खलील का शव मलबे से निकाला गया। वह अक्टूबर 2023 से इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष को कवर कर रही थीं।
इजरायल की सेना ने दावा किया कि अल-तिरी में मौजूद लोग युद्धविराम का उल्लंघन कर रहे थे और उसके सैनिकों के लिए खतरा थे। उसने यह भी कहा कि उसने बचाव टीमों को रोकने या पत्रकारों को निशाना बनाने का काम नहीं किया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि योहमोर गांव पर एक अन्य हमले में दो लोगों की मौत और दो घायल हुए।
युद्ध की शुरुआत के कुछ दिन बाद ही हिजबुल्लाह ने लेबनान से इजरायल पर रॉकेट दागे थे, जिसके बाद जवाबी हमले और इजरायल की जमीनी कार्रवाई शुरू हुई। शुक्रवार से शुरू हुआ 10 दिन का युद्धविराम कई हमलों से प्रभावित रहा है और हिजबुल्लाह ने मंगलवार को अपना पहला हमला करने का दावा किया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि लेबनान में सप्ताहांत के हमले में घायल एक फ्रांसीसी शांति सैनिक की मौत हो गई। शनिवार को हुए हमले में एक अन्य फ्रांसीसी सैनिक की भी मौत हुई थी। मैक्रों ने इस हमले के लिए हिजबुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया, जबकि हिजबुल्लाह ने इसमें शामिल होने से इनकार किया।
युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 3,375 लोगों की मौत हो चुकी है। लेबनान में 2,290 से अधिक लोग मारे गए हैं, इजरायल में 23 लोगों की मौत हुई है और खाड़ी देशों में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान गई है। लेबनान में 15 इजरायली सैनिक और 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।