अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फोटो: PTI
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिये जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए ईरान को दी गई समय सीमा 10 दिनों के लिए और बढ़ा दी है। ट्रंप धमकी दे चुके हैं कि अगर ईरान यह संकरा समुद्री मार्ग नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को तबाह कर देगा। इससे पहले ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रंप के 15- सूत्री प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। ईरान ने इसे लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया कि वह बातचीत या समझौते के लिए तैयार है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा कि वह ‘इजरायली-अमेरिकी दुश्मनों के सहयोगियों एवं समर्थकों के बंदरगाहों से’ किसी भी गंतव्य के लिए जहाजों को गुजरने नहीं देगा।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और ऊर्जा आपूर्ति में इतिहास का सबसे बड़ा व्यवधान उत्पन्न हुआ है। तेल, गैस और उर्वरक की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह झिंझोड़ दिया है जिससे मुद्रास्फीति का डर बढ़ गया है।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया और तब से शांति स्थापना के लिए अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। इसके बाद लेबनान के हिज्बुल्लाह ने ईरान के पक्ष में इजरायल पर हमला शुरू कर दिया। इजरायल के जवाबी हमले में लेबनान की 20 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गई है।
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गुरुवार को ट्रंप ने कैबिनेट बैठक के दौरान ईरान पर दबाव बढ़ाने की धमकी दी। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वह 6 अप्रैल को रात 8 बजे तक (पूर्वी समयानुसार 7 अप्रैल को 00:00 जीएमटी) ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर अमेरिकी हमलों को 10 दिनों के लिए रोक रहे हैं।
उन्होंने अपनी सोशल मीडिया कंपनी ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में आगे कहा, ‘बातचीत जारी है और फर्जी समाचार मीडिया और अन्य लोगों द्वारा इसके विपरीत गलत बयानों के बावजूद यह बहुत अच्छी तरह से चल रही है।’
ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका से बातचीत नहीं कर रहा है। ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका ईरान में कथित तौर पर किससे बातचीत कर रहा है, जहां युद्ध में वहां के कई उच्च पदस्थ अधिकारी मारे जा चुके हैं। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने डॉयचलैंडफंक रेडियो को बताया कि उनका मानना है कि ‘परोक्ष रूप से संपर्क हुए हैं और अब सीधे मिलने की तैयारी चल रही है। ऐसा लगता है कि यह मुलाकात जल्द ही पाकिस्तान में होगी।’ ईरान ने कहा है कि अगर ट्रंप अपनी धमकी पर अमल करते हैं तो वह जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा संयंत्रों पर हमले करेगा।