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ट्रंप बोले: मेरे लोग बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं, अगर ईरान ने नहीं मानी बात तो मचा देंगे तबाही

हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि कौन-कौन से अधिकारी जा रहे हैं। व्हाइट हाउस और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दफ्तर से अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 19, 2026 | 7:42 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके देश के वार्ताकार सोमवार को ईरान से दोबारा बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के साथ दूसरी बार अमेरिका की आमने-सामने बातचीत होगी। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि कौन-कौन से अधिकारी इस बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं। व्हाइट हाउस और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दफ्तर से अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है। वेंस ही पहली राउंड की बातचीत का नेतृत्व कर चुके हैं।

ट्रंप ने अपने इस पोस्ट में ईरान पर आरोप लगाया कि उसने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोलीबारी करके युद्धविराम तोड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिका का ऑफर मंजूर नहीं करता तो अमेरिका ईरान के हर पावर प्लांट और हर पुल को पूरी तरह तबाह कर देगा। 

ट्रंप ने साफ शब्दों में दावा किया, “अगर वे हमारी बात नहीं मानते तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान में हर बिजलीघर और हर पुल को नेस्तनाबूद कर देगा।” हालांकि, ईरान की तरफ से इस पर अभी कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ईरान का क्या है कहना

ईरान ने अपने रुख को और मजबूत कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर ब्लॉकेड लगाए रखेगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदी बरकरार रहेगी। दोनों तरफ की ये पाबंदियां पाकिस्तान की मध्यस्थता को मुश्किल बना रही हैं। मध्यस्थ लोग बुधवार को खत्म हो रहे युद्धविराम को बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं। इस दो हफ्ते के युद्धविराम को बढ़ाया जा सकेगा या नहीं, इस पर सवाल उठने लगे हैं।

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ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने बीते दिनों स्टेट टीवी पर दिए इंटरव्यू में कहा कि जब हम खुद नहीं गुजर सकते तो दूसरों को कैसे गुजरने दिया जाए। उन्होंने अमेरिकी ब्लॉकेड को “बेवकूफी भरा फैसला” बताया। गालीबाफ ईरान की तरफ से अमेरिका के साथ बातचीत के मुख्य वार्ताकार भी हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका पर भरोसा न होने के बावजूद ईरान शांति चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “कूटनीति के मैदान में हम पीछे नहीं हटेंगे।” फिर भी दोनों पक्षों के बीच फासला अभी भी बहुत बड़ा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से तनाव

ईरान ने शुक्रवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोलने का ऐलान किया था। यह ऐलान इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम के बाद किया गया था। लेकिन ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर ब्लॉकेड पूरी तरह बरकरार रखेगा जब तक कोई डील न हो जाए। इसके बाद ईरान ने अपनी पाबंदी जारी रखने का फैसला किया।

शनिवार को कुछ देर के लिए जहाजों ने गुजरने की कोशिश की। लेकिन फिर स्थिति पहले जैसी हो गई। दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर ईरानी बलों द्वारा गोली चलाई गई, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद फारस की खाड़ी में मौजूद बाकी जहाज वहीं रुक गए। ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की गनबोट्स ने एक टैंकर पर फायरिंग की और एक कंटेनर जहाज पर प्रोजेक्टाइल लगा जिससे कुछ कंटेनर खराब हो गए।

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले को लेकर ईरानी राजदूत को तलब किया और इस “गंभीर घटना” पर नाराजगी जताई। खास बात यह थी कि ईरान ने कुछ दिन पहले भारत जा रहे कुछ जहाजों को गुजरने दिया था।

बता दें कि होर्मुज से दुनिया के करीब एक-पांचवें तेल का कारोबार होता है। आगे और जहाजों के रुकने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है और युद्ध फिर से भड़क सकता है। पहले ही यह युद्ध अब आठवें हफ्ते में पहुंच चुका है।

इस बीच वार्ता की चर्चा को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी है। एक क्षेत्रीय अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इससे जुड़े अधिकारी पूरी तैयारी कर रहे हैं और अमेरिका की एडवांस सुरक्षा टीमें पहले ही वहां पहुंच चुकी हैं।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

First Published : April 19, 2026 | 7:30 PM IST