अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने वाले हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ घंटे पहले ही ईरान ने कहा था कि प्रस्तावित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर रविवार को हस्ताक्षर नहीं होंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सभी के लिए खोल दिया जाएगा।
ट्रंप ने लिखा, “समझौते पर कल हस्ताक्षर होने वाले हैं और हस्ताक्षर होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खोल दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का नजरिया पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए 2015 के परमाणु समझौते से बिल्कुल अलग है।
ट्रंप ने कहा, “बराक हुसैन ओबामा का ईरान के साथ किया गया JCPOA समझौता ईरान के लिए परमाणु हथियार हासिल करने का आसान, सुंदर और सीधा रास्ता था। अगर वह समझौता जारी रहता तो ईरान छह साल पहले ही परमाणु हथियार हासिल कर चुका होता।” उन्होंने आगे कहा, “ईरान के साथ मेरा समझौता बिल्कुल इसके उलट है। यह परमाणु हथियारों के खिलाफ एक मजबूत दीवार है।”
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ट्रंप ने दावा किया कि अब ईरान परमाणु हथियार हासिल करना ही नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि वास्तव में अब वे परमाणु हथियार नहीं चाहते और न ही उन्हें खरीद, विकास या किसी अन्य माध्यम से हासिल करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस समझौते में किसी तरह का वित्तीय भुगतान शामिल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन द्वारा दिए गए सैकड़ों अरब डॉलर और 1.7 अरब डॉलर नकद भुगतान के विपरीत, इस समझौते में किसी भी प्रकार के फंड का ट्रांजेक्शन नहीं होगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया जब इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों का खंडन किया था, जिनमें कहा गया था कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का सही समय रविवार नहीं होगा। बघाई ने कहा कि आने वाले दिनों में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन दूसरी तरफ की हिचकिचाहट को देखते हुए किसी निश्चित तारीख की घोषणा करना उचित नहीं होगा।
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दोनों देशों के परस्पर विरोधी बयानों से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को घोषणा की थी कि इस्लामाबाद की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते के ढांचे पर सहमत हो गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में शरीफ ने कहा कि समझौते का अंतिम मसौदा तैयार हो चुका है और इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की तैयारी की जा रही है। इसके बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की बातचीत होगी।
शरीफ ने कहा, “हम वार्ता के दौरान निरंतर प्रतिबद्धता के लिए अमेरिका और ईरान का धन्यवाद करते हैं। साथ ही क्षेत्र के अपने मित्र देशों का भी सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हैं। हमें विश्वास है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता स्थायी शांति की मजबूत नींव साबित होगा।” हालांकि वॉशिंगटन और तेहरान के अलग-अलग बयानों के कारण समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर की समय-सीमा को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बावजूद दोनों पक्षों ने संकेत दिए हैं कि बातचीत जारी है।
एजेंसी इनपुट के साथ