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ईरान के साथ शांति समझौते के संकेत, ट्रंप बोले- 44 घंटे में हुई ‘अच्छी बातचीत’

पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिका-ईरान वार्ता तेज, परमाणु समझौते की उम्मीद बढ़ी

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एजेंसियां   
Last Updated- May 07, 2026 | 8:48 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि पश्चिम एशिया संकट का पूर्ण समाधान निकालने के लिए ईरान के साथ संभावित समझौता अब भी “पूरी तरह संभव” है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत सकारात्मक रही है।

व्हाइट हाउस में UFC Freedom 250 कार्यक्रम की झलक पेश करने के दौरान ओवल ऑफिस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “वे समझौता करना बहुत चाहते हैं और हम देखेंगे कि क्या हम वहां तक पहुंच पाते हैं। अगर समझौता होता है, तो उनके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।”

उन्होंने दावा किया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हालिया बातचीत में प्रगति दिखी है। साथ ही उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर अपने प्रशासन के कड़े रुख को दोहराया। साथ ही कहा कि तेहरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद इस्लामिक गणराज्य की रणनीतिक ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।

पिछले 44 घंटों में अच्छी बातचीत

ट्रंप ने कहा कि पिछले 44 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह पूरी तरह संभव है कि हम कोई समझौता कर लें। उन्होंने आगे कहा, “उनके पास 159 जहाजों वाली नौसेना थी और अब हर जहाज पूरी तरह तबाह होकर पानी के नीचे पड़ा है। उनके पास एयरफोर्स और बहुत सारे विमान थे, अब उनके पास कोई विमान नहीं है। उनके पास एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं बचे हैं। उनके रडार खत्म हो चुके हैं। उनकी मिसाइलें लगभग नष्ट हो चुकी हैं… उनके नेता भी मारे जा चुके हैं। इसलिए मुझे लगता है कि हम जीत गए।”

कड़े बयानबाजी के बावजूद ट्रंप ने कहा कि बातचीत अब भी जारी है और सकारात्मक नतीजे की संभावना बनी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि शर्तें पूरी होती हैं, तो कूटनीतिक समाधान अब भी संभव है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता जारी है। दूसरी ओर, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी है और दोनों देश होर्मुज स्ट्रेट पर रणनीतिक नियंत्रण को लेकर व्यापक शक्ति संघर्ष में उलझे हुए हैं।

प्रारंभिक समझौते की दिशा में आगे

इस बीच, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कथित तौर पर एक प्रारंभिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका मकसद मौजूदा संकट को रोकना और व्यापक परमाणु वार्ता के लिए रूपरेखा तैयार करना है।

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, जिसने कई अमेरिकी अधिकारियों और बातचीत से जुड़े सूत्रों का हवाला दिया, यह प्रगति संघर्ष शुरू होने के बाद से सबसे बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम मानी जा रही है, हालांकि अंतिम समाधान अभी नहीं निकला है।

रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित ढांचे में “एक पन्ने का 14-बिंदुओं वाला समझौता ज्ञापन” शामिल है, जिसका उद्देश्य तत्काल युद्धविराम लागू करना और व्यापक समझौते के लिए “30 दिन की वार्ता अवधि” शुरू करना है।

स्थायी समाधान के लिए बातचीत जरूरी: रुबियो

इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि ईरान को “स्थिति की वास्तविकता स्वीकार करनी होगी” और पश्चिम एशिया संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए बातचीत की मेज पर लौटना होगा।

प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी फिलहाल यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ईरान किन मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि शुरुआती समझ किसी विस्तृत समझौते के बजाय व्यापक और उच्च-स्तरीय सिद्धांतों पर आधारित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका का फोकस बातचीत के प्रमुख विषयों और तेहरान की संभावित रियायतों को लेकर स्पष्टता स्थापित करने पर है।

First Published : May 7, 2026 | 8:48 AM IST