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ट्रंप की ईरान को नई धमकी: समय खत्म हो रहा है, 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोलो, नहीं तो बरेपगा कहर

ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे में समझौते या तबाही की अंतिम चेतावनी दी है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक तेल संकट और युद्ध का खतरा और गहरा गया है

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ऋषभ राज   
Last Updated- April 04, 2026 | 9:33 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दी है। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “याद है जब मैंने ईरान को 10 दिन दिए थे कि डील करो या होर्मुज स्ट्रेट खोल दो। अब समय खत्म हो रहा है और सिर्फ 48 घंटे बाकी हैं। इसके बाद सिर्फ तबाही मचेगी। ईश्वर की महिमा!”

ट्रंप ने पहले इस डेडलाइन को 10 दिन बढ़ाकर 6 अप्रैल तक कर दिया था। तब उन्होंने बातचीत को लेकर कुछ उम्मीद जताई थी। लेकिन अब फिर से सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता है, जो फिलहाल बंद है।

युद्ध के मकसद में उलटफेर

28 फरवरी को अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया था। शुरुआत में इसका मकसद साफ था कि ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करना, उसकी नौसेना को कमजोर करना और उसे न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना। लेकिन एक महीने से ज्यादा समय गुजरने के बाद इन लक्ष्यों में बार-बार बदलाव होता नजर आया।

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कभी ट्रंप कहते हैं कि इस युद्ध का तेल से कोई लेना-देना नहीं है, तो कभी कहते हैं कि तेल ले लो और मुनाफा कमा लो। एक दिन वे दावा करते हैं कि जंग लगभग खत्म होने वाली है, तो अगले ही दिन इंफ्रास्ट्रक्चर पर और तेज हमले करने की बात करने लगते हैं। होर्मुज को लेकर भी उनका रुख बदलता रहा है। पहले उन्होंने कहा कि अमेरिका के हटने के बाद दूसरे देश इसे खोल सकते हैं, लेकिन फिर कहा कि वॉशिंगटन खुद ही इसे आसानी से संभाल लेगा।

शांति वार्ता को ईरान ने किया खारिज

ईरान की ओर से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने शनिवार को कहा कि तेहरान ने इस्लामाबाद में शांति वार्ता में शामिल होने से कभी इनकार नहीं किया। उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना करते हुए कहा, “हम पाकिस्तान के प्रयासों के लिए गहरा आभार जताते हैं और इस्लामाबाद जाने से कभी मना नहीं किया।” अरागची ने जोर देकर कहा कि बातचीत का मकसद युद्ध का स्थायी और अंतिम समाधान होना चाहिए, जिसे उन्होंने ‘अवैध युद्ध’ बताया।

पाकिस्तान ने भी इन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि बातचीत रुकने की खबरें बेबुनियाद हैं और सिर्फ अटकलों पर आधारित हैं। उन्होंने मीडिया से अपील की कि केवल आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जरूर कराया था, लेकिन ईरान की तरफ से स्पष्ट संकेत न मिलने के कारण प्रक्रिया की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। ईरानी नेतृत्व अब भी पाकिस्तान के संपर्क में है और बातचीत के लिए तैयार बताया जा रहा है, हालांकि उनकी शर्त है कि कोई ठोस और लंबे समय तक टिकने वाला समाधान निकले।

First Published : April 4, 2026 | 8:39 PM IST