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UAE Nuclear Plant Attack: बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला, हमलावर की जानकारी नहीं

UAE के बराकाह परमाणु संयंत्र पर संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले से बाहरी जनरेटर में आग लग गई, लेकिन सभी मुख्य न्यूक्लियर सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं

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ऋषभ राज   
Last Updated- May 17, 2026 | 5:58 PM IST

UAE Nuclear Power Plant Attack: पश्चिम एशिया में चल रही तनातनी के बीच UAE (संयुक्त अरब अमीरात) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अबू धाबी के अल धफरा इलाके में स्थित ‘बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट’ (Barakah Nuclear Power Plant) के बाहरी हिस्से में संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह आग प्लांट के अंदरूनी सुरक्षा घेरे से बाहर मौजूद एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में लगी।

राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है और न ही रेडियोलॉजिकल सुरक्षा स्तर (परमाणु सुरक्षा) पर कोई असर पड़ा है। ‘फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन’ के मुताबिक, परमाणु संयंत्र के सभी मुख्य और जरूरी सिस्टम पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक बयान में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि इस ड्रोन हमले के पीछे किसका हाथ था।

UAE में यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है। इससे पहले भी UAE की ऊर्जा और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाकर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा चुके हैं।

पहली बार निशाने पर आया UAE का इकलौता परमाणु प्लांट

चल रहे इस युद्ध के दौरान यह पहला मौका है जब चार रिएक्टरों वाले बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाया गया है। यह प्लांट अबू धाबी के सुदूर पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में सऊदी अरब की सीमा के पास स्थित है। 20 अरब डॉलर की लागत से बने इस प्लांट को दक्षिण कोरिया के सहयोग से तैयार किया गया था और यह साल 2020 में चालू हुआ था। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, यह अरब प्रायद्वीप का पहला और एकमात्र चालू न्यूक्लियर पावर प्लांट है।

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तनाव के इस दौर में यह पहली बार नहीं है जब परमाणु संयंत्र युद्ध के दायरे में आए हों। इससे पहले यूक्रेन और रूस के युद्ध में भी ऐसा देखा जा चुका है। वहीं, मौजूदा टकराव में ईरान भी अपने ‘बुशहर परमाणु संयंत्र’ पर हमलों का दावा कर चुका है, हालांकि वहां भी मुख्य रिएक्टर सुरक्षित रहे थे।

होर्मुज के विकल्प पर तेजी से काम कर रहा UAE

यह हमला ठीक उस वक्त हुआ है जब UAE एक नए पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर बहुत तेजी से काम आगे बढ़ा रहा है। दरअसल, इस प्रोजेक्ट की मदद से UAE ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज स्ट्रेट) के रास्ते पर निर्भर रहे बिना अपने कच्चे तेल का निर्यात बढ़ा सकेगा। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सरकारी तेल कंपनी ‘एडनॉक’ (ADNOC) को इस प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

इस नई पाइपलाइन के जरिए फुजैरा बंदरगाह से UAE की तेल निर्यात क्षमता दोगुनी होने की उम्मीद है और यह अगले साल से काम करना शुरू कर देगी। गौरतलब है कि युद्ध की वजह से ईरान ने होर्मुज के रास्ते को बंद कर दिया है, जहां से पहले दुनिया का एक-तिहाई तेल और एलएनजी गुजरती थी। इसके बंद होने से दुनिया भर में तेल का भारी संकट खड़ा हो गया है और कीमतें आसमान छू रही हैं। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत भी पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

First Published : May 17, 2026 | 5:44 PM IST