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होर्मुज में सेफ नेविगेशन के लिए UK-फ्रांस की पहल, US-ईरान तनाव के बीच बड़ा कदम

होर्मुज जलडमरूमध्य में सेफ नेविगेशन के लिए मल्टीनेशनल मिशन की तैयारी, जल्द कॉन्फ्रेंस करेंगे ब्रिटेन-फ्रांस

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 13, 2026 | 4:50 PM IST

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को कहा कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (UK) आने वाले दिनों में एक कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में सेफ नेविगेशन सुनिश्चित करने के लिए एक मल्टीनेशनल मिशन के समर्थन को मजबूत करना है। मैक्रों ने एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा, “यह पूरी तरह से रक्षात्मक मिशन होगा, जो किसी भी पक्ष से अलग रहेगा और स्थिति अनुकूल होने पर तैनात किया जाएगा।”

मैक्रों की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) ने घोषणा की कि अमेरिका सोमवार से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में ईरान से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लगाना शुरू करेगा, क्योंकि तेहरान के साथ बातचीत विफल हो गई है।

मैक्रों ने कहा कि यह कदम पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता लाने के लिए चल रहे व्यापक कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मिशन “सिर्फ रक्षात्मक” होगा और मौजूदा संघर्ष में शामिल किसी भी पक्ष के साथ नहीं होगा।

व्यापक कूटनीतिक समाधान पर जोर

मैक्रों ने इस पहल को क्षेत्र की अन्य चिंताओं से भी जोड़ा, जिनमें ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र में उसकी कथित अस्थिर गतिविधियां शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यह मिशन पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने के बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसमें लेबनान को स्थिर करना और उसकी संप्रभुता का सम्मान करना भी शामिल है।

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उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के संघर्ष का मजबूत और स्थायी समाधान कूटनीतिक तरीकों से जल्द हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में सभी पक्ष शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें। मैक्रों ने दोहराया कि फ्रांस इस मिशन में पूरी भूमिका निभाने के लिए तैयार है और इसकी तैनाती जमीनी हालात पर निर्भर करेगी।

होर्मुज पर अमेरिकी प्रतिबंध

सोमवार से अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी लागू करेगा। यह उन सभी जहाजों पर लागू होगी जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में ईरानी पोर्ट से जुड़े हैं। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि जो जहाज ईरान के अलावा अन्य पोर्ट के बीच यात्रा कर रहे हैं, उन्हें जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

ईरान ने इस कदम की कड़ी आलोचना की और कहा कि इससे फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि अपने क्षेत्रीय जल में संप्रभुता की रक्षा करना देश का “स्वाभाविक और कानूनी अधिकार” है। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा क्षेत्रीय देशों द्वारा मिलकर सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ईरान ने यह भी कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण जारी रखेगा। उसने चेतावनी दी कि “विरोधी तत्वों” से जुड़े जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जबकि अन्य जहाज ईरानी नियमों के तहत यात्रा कर सकेंगे।

First Published : April 13, 2026 | 4:48 PM IST