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US-Iran War Update: होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे का संकेत! ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला बयान

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी सफल रहा।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 10, 2026 | 8:04 AM IST

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अब लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण करने के विकल्प पर भी विचार कर सकता है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई काफी प्रभावी रही है और ईरान की रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता और ड्रोन निर्माण से जुड़े कई अहम ठिकानों को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने इसे एक सफल सैन्य अभियान बताते हुए कहा कि इस युद्ध की दिशा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।

ट्रंप के मुताबिक अमेरिका की कार्रवाई का मकसद क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम मार्ग की निगरानी या नियंत्रण करने पर विचार कर सकता है।

दरअसल Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यह जलडमरूमध्य Iran और Oman के बीच स्थित है और वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। दुनिया में निर्यात होने वाले कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का बड़ा भाग इसी मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।

मौजूदा तनाव की शुरुआत फरवरी के अंत में उस समय हुई जब संयुक्त सैन्य कार्रवाई में अमेरिका और Israel ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को निशाना बनाया। 28 फरवरी को हुए हमले में खामेनेई की मौत हो गई और ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य व राजनीतिक नेता भी मारे गए। इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया।

इस हमले के जवाब में तेहरान ने कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके साथ ही इजराइल से जुड़े ठिकानों पर भी जवाबी कार्रवाई की गई। इसके कारण पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

इस बीच रिपब्लिकन पार्टी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और ड्रोन निर्माण नेटवर्क के बड़े हिस्से को खत्म कर दिया है। उनका कहना है कि इससे ईरान की सैन्य ताकत को गंभीर झटका लगा है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त ऑपरेशन से ईरान पर दबाव बढ़ रहा है और यह संयुक्त अभियान तकनीकी श्रेष्ठता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के लगभग 80 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम नष्ट कर दिए हैं और ड्रोन उत्पादन से जुड़े प्रमुख ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।

इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि अभियान के दौरान ईरान की नौसैनिक क्षमता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह से समाप्त किया जा रहा है और ईरान की नौसेना अब गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी है।

फ्लोरिडा में एक अन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने इस सैन्य अभियान, जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कहा जा रहा है, को “सफलतम अभियान” बताया। उन्होंने कहा कि अभियान के पहले दो दिनों में ही ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक बेअसर कर दिया गया।

ट्रंप ने 2015 में अपने राष्ट्रपति अभियान के दौरान किए गए वादे का भी जिक्र किया। उस समय उन्होंने वादा किया था कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि अब वे उस वादे को पूरा कर रहे हैं।

वहीं, ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस नेतृत्व परिवर्तन से ईरान में पहले जैसी समस्याएं जारी रहने की संभावना है और यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त ऑपरेशन से ईरान पर दबाव बढ़ रहा है और यह संयुक्त अभियान तकनीकी श्रेष्ठता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के लगभग 80 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम नष्ट कर दिए हैं और ड्रोन उत्पादन से जुड़े प्रमुख ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।

इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि अभियान के दौरान ईरान की नौसैनिक क्षमता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह से समाप्त किया जा रहा है और ईरान की नौसेना अब गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी है।

फ्लोरिडा में एक अन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने इस सैन्य अभियान, जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कहा जा रहा है, को “सफलतम अभियान” बताया। उन्होंने कहा कि अभियान के पहले दो दिनों में ही ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक बेअसर कर दिया गया।

ट्रंप ने 2015 में अपने राष्ट्रपति अभियान के दौरान किए गए वादे का भी जिक्र किया। उस समय उन्होंने वादा किया था कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि अब वे उस वादे को पूरा कर रहे हैं।

वहीं, ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस नेतृत्व परिवर्तन से ईरान में पहले जैसी समस्याएं जारी रहने की संभावना है और यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।

First Published : March 10, 2026 | 8:04 AM IST