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US Iran War: ईरान के स्थायी मिशन ने वॉशिंगटन की हालिया टिप्पणियों के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मिशन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान को ‘ बमबारी से पाषाण युग में वापस भेजने’ की खुली धमकी ताकत नहीं, बल्कि अज्ञानता को दर्शाती है। साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और रोम संविधि (अंतरराष्ट्रीय संधि) के अंतर्गत युद्ध अपराध करने के इरादे का प्रमाण है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से ईरान को ‘पत्थर युग में वापस भेजने’ की खुली धमकी ताकत नहीं, बल्कि अज्ञानता को दर्शाती है और यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संधि के तहत युद्ध अपराध करने के इरादे का प्रमाण है। ईरान की सभ्यता 7,000 वर्षों से अधिक पुरानी है, जबकि अमेरिका मुश्किल से 250 वर्ष पुराना है। सभ्यताओं की पहचान उनके इतिहास, संस्कृति, दृढ़ता और वैज्ञानिक योगदान से होती है। दुनिया आज भी उस सभ्यता और ज्ञान की ऋणी है, जो ईरानी विद्वानों ने हजारों वर्षों में मानवता को दिया है। ऐसी सभ्यता को बमबारी से नष्ट नहीं किया जा सकता।”
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दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक अंतर को रेखांकित करते हुए मिशन ने आगे कहा कि “ईरान की सभ्यता 7,000 वर्षों से अधिक पुरानी है, जबकि अमेरिका मुश्किल से 250 वर्ष पुराना है,” और यह भी जोड़ा कि “सभ्यताओं की पहचान उनके इतिहास, संस्कृति, दृढ़ता और वैज्ञानिक योगदान से होती है।”
अपनी विरासत की स्थायी प्रकृति पर जोर देते हुए मिशन ने कहा कि “दुनिया आज भी उस सभ्यता और ज्ञान की ऋणी है, जो ईरानी विद्वानों ने हजारों वर्षों में मानवता को दिया है,” और अपने रुख को और स्पष्ट करते हुए कहा कि “ऐसी सभ्यता को बमबारी से नष्ट नहीं किया जा सकता।”
ये कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं उस समय आई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेताओं के बीच तीखी चेतावनियों एक-दूसरे को दी जा रही हैं। वहीं, आईआरजीसी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद मूसावी ने भी एक्स पर अमेरिकी धमकियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका पर अपने ही लोगों को घातक नतीजे की ओर ले जाने का आरोप लगाया।